सोमवार को दूसरे दिन भी जिलेभर में दिनभर भारी बर्फबारी होती रही। इससे एक बार फिर तापमान शून्य से नीचे चला गया। भारी बर्फबारी से जिले के ऊंचाई पर बसे कई ग्रामीण क्षेत्रों का अन्य इलाकों से सड़क संपर्क कट गया। इससे उन क्षेत्रों बसने वाले लोगों को जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो गई है। मुगलरोड पर बफलेयाज से चंडी माड़ा के बीच सड़क मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। देर शाम तक लोरन, सावजियंा सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक से डेढ़ फुट तक बर्फ बारी रिकार्ड की गई।
मुगलरोड पर पोशाना और पीर गली के बीच डेढ़ से दो फुट तक बर्फ गिरी है। गौरतलब है कि रविवार को तड़के जिले की मंडी एवं सूरनकोट तहसीलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हुई, जो दोपहर तक रुक-रुक कर होती रही। दोपहर बाद ऊंचाई वाले क्षेत्रों व मंडी तहसील के लोरन, सावजियां, गगड़ियां, गली मैदान, उढ़ी पुरा, बुराढ़ी और सूरनकोट तहसील के देहरागली, डोगरेयां, पोशाना, हिलकाका, रंजाटी, बिंबर गली आदि क्षेत्रों में जोरदार बर्फ बारी शुरू हो गई।
इससे जम्मू-पुंछ मार्ग पर वाहनों की बिंबर गली से जड़ांवाली गली के बीच यातायात प्रभावित रहा। मंडी तहसील में मंडी सावजियां मार्ग पर भारी बर्फबारी के चलते गांव खेत से आगे सावजियां की तरफ मार्ग बंद हो गया। गांव बराछड़ से आगे मंडी लोरन मार्ग भी बंद होने के कारण दर्जन भर ग्रामीण क्षेत्रों का सड़क संपर्क कट गया। सूरनकोट तहसील में बफलेयाज थन्नामंडी बाया देहरागली मार्ग बंद हो गया है। बर्फबारी से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बिजली-पानी की सप्लाई बुरी तरह बाधित हुई है।
बड़ी संख्या में बिजली की तार व खंभे गिरने के समाचार मिले हैं। सोमवार को दिनभर में पुंछ नगर के आसपास के पहाड़ों पर भी जोरदार बर्फबारी होने से हर तरफ सफेद चादर बिछी नजर आ रही है। सड़क मार्ग बंद होने से लोग अपने सामान के साथ पैदल ही गंतव्य की ओर रवाना हो गए। गांव गली मैदान की रहने वाली जरीना बेगम और उसकी ननद जुबेदा बी ने बताया कि वे चार दिन पहले मेंढर में अपने रिश्तेदार के यहां गई थीं।
सोमवार सुबह जब वे घर के लिए निकलीं तो हल्की बारिश हो रही थी। गांव खेत में बर्फबारी के चलते चालक आगे गाड़ी नहीं ले जा रहा था। ऐसे में करीब 8 किलोमीटर पैदल चलकर वे गांव की ओर चल पड़ीं। सोमवार की देर शाम पीडब्ल्यूडी मेकेनिकल विंग के कड़े प्रयास से बफलेयाज से चंडीमाड़ा के बीच करीब 90 किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग से स्नोप्लोवर मशीनों की सहायता से कुछ हद तक बर्फ हटाकर कई वाहनाें को आगे जाने दिया गया।