राजोरी। जिले में नियंत्रण रेखा से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों को नियंत्रण रेखा के उस पार से होने वाली गोलाबारी से बचाने के लिए बंकर निर्माण कार्य को करीब चार साल से अधिक समय बीत चुका है। इसके बाद भी बंकरों पर निर्माण पूरा नहीं हो सका है।
जिले के नौशेरा में 2017 में अगस्त में करीब 100 बंकर का निर्माण शुरू किया गया। उपायुक्त विकास कुंडल ने पीडब्ल्यूडी और ग्रामीण विकास विभाग की तरफ से चलाए जा रहे बंकर निर्माण की प्रगति की समीक्षा के लिए बैठक की। 1867 बंकर में से 1697 बंकरों का काम ग्रामीण विकास विभाग द्वारा पूरा कर लिया गया है, जबकि पीडब्ल्यूडी (आर एंड बी) ने 1274 में से 1217 बंकरों को पूरा कर लिया है। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर स्लैब स्तर पर सभी स्लैब स्तर के बंकरों पर काम पूरा करने और अन्य सभी बंकरों के काम को दो सप्ताह के भीतर पूरा करने को कहा।
डीडीसी ने जिओ-टैगिंग की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को 15 जनवरी 2022 तक सभी बंकरों की जियो-टैगिंग कराने को कहा। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करें कि निर्धारित लक्ष्यों को समय पर हासिल किया जाए। उन्होंने बंकरों पर काम करते हुए गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सीमावर्ती निवासियों को बंकर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि सीमा पार से होने वाली गोलाबारी से उनकी जान बचाई जा सके और बाकी बंकरों पर काम समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए डबल शिफ्ट में काम किया जाए।
बैठक में एडीडी पवन कुमार, एसीडी सुशील खजूरिया, सीपीओ मोहम्मद खुर्शीद, एसई पीडब्ल्यूडी, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी, मकबूल हुसैन और प्रखंड विकास अधिकारी मौजूद रहे।