विश्व स्तनपान सप्ताह के उपलक्ष्य पर महिलाओ को किया जागरूक
राजोरी। विश्व स्तनपान सप्ताह के उपलक्ष्य में कंडी चिकित्सा ब्लॉक में सोमवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। बीएमओ डॉक्टर इकबाल मलिक की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को बताया गया कि कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ने की चर्चा के बीच यह भी जानना जरूरी है कि जो माताएं बच्चे को सही समय पर और सही तरीके से स्तनपान कराती हैं, उन्हें बच्चे को लेकर बहुत चिंता करने की जरूरत नहीं होती है।
मां के दूध की अहमियत सर्वविदित है, यह बच्चे को रोगों से लड़ने की ताकत प्रदान करने के साथ ही उसे आयुष्मान भी बनाता है। कोरोना ही नहीं बल्कि कई अन्य संक्रामक बीमारियों से मां का दूध बच्चे को पूरी तरह से महफूज बनाता है। इसलिए स्तनपान के फायदे को जानना हर महिला के लिए बहुत ही जरूरी है। इसके प्रति जागरूकता के लिए ही हर साल एक से सात अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाता है। स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए ही इस साल इस सप्ताह की थीम-‘स्तनपान सुरक्षा की जिम्मेदारी, साझा जिम्मेदारी’ तय की गयी है।
मां के दूध में शिशु के लिए पौष्टिक तत्वों के साथ पर्याप्त पानी भी होता है । इसलिए छह माह तक शिशु को माँ के दूध के अलावा कुछ भी न दें । यहाँ तक कि गर्मियों में पानी भी न पिलायें । ध्यान रहे कि रात में माँ का दूध अधिक बनता है, इसलिए मां रात में अधिक से अधिक स्तनपान कराये । महिलाओ को जागरूक किया गया कि दूध का बहाव अधिक रखने के लिए जरूरी है कि माँ चिंता और तनाव से मुक्त रहे । कामकाजी महिलाएं अपने स्तन से दूध निकालकर रखें । यह सामान्य तापमान पर आठ घंटे तक पीने योग्य रहता है । इसे शिशु को कटोरी या कप से पिलायें । स्तनपान शिशु को बीमारियों से बचाता है, इसीलिए यदि मां या शिशु बीमार हों तब भी स्तनपान कराएँ । वही इस दौरान महिलाओ ने स्तनपान कराने की प्रतिज्ञा भी ली। इसके अलावा स्तनपान कराने वाली महिलाओ को सम्मानित भी किया गया।
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