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सरकारी भूमि पर नगर परिषद राजोरी कर रहा था निर्माण जिला प्रशासन ने कार्य रुकवाया निर्माणधीन ढांचा भी किया ध्वस्त

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जिला प्रशासन ने कार्य रुकवाया निर्माणधीन ढांचा भी किया ध्वस्त - फोटो : RAJOURI
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राजोरी। जिला प्रशासन ने राजोेरी टाउन के सलानी ब्रिज के प्रवेश बिंदु पर नगर परिषद की तरफ से निर्माणाधीन यात्री शेड-सह-कैफेटेरिया को ध्वस्त कर दिया है। इसे उच्च अधिकारियों द्वारा स्वीकृत और अनुमोदित किया गया था। नगर परिषद अध्यक्ष मोहम्मद आरिफ जाट ने कहा कि प्रशासन के इस कदम से सरकार को ही नुकसान पहुंचा है।
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परियोजना को सरकारी भूमि पर 29 दिसंबद 2021 को 40.68 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत किया गया। ठेकेदार पहले से ही चल रहे ढांचे के निर्माण पर लगभग 11 लाख रुपये खर्च कर चुका है। अब उसे प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। प्रशासन का आरोप है कि जम्मू-राजोेरी-पुंछ राजमार्ग को चौड़ा करने के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा पहले ही अधिग्रहीत जमीन पर निर्माण कार्य चल रहा था। इस मामले में बीआरओ ने उक्त भूमि को अपनी जमीन करार देते हुए शिकायत की थी।
इस संबंध में अतिरिक्त उपायुक्त सचिन देव सिंह ने अब्दुल सलाम पटवारी हलका अतिरिक्त रामपुर राजोेरी को भी कथित अवैध गतिविधियों पर रोक न लगाने पर निलंबित कर दिया है, क्योंकि तहसीलदार के निर्देश के बावजूद निर्माण जारी रहा।
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नगर पालिका अध्यक्ष आरिफ जाट ने कहा कि जिस भूमि पर प्रस्तावित यात्री शेड-सह-कैफेटेरिया निर्माणाधीन है, वह खसरा नंबर-1 में आता है, और राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार भूमि का उक्त टुकड़ा राज्य सरकार की भूमि है। वह बीआरओ की भूमि नहीं है। नगर परिषद भी सरकार का एक विभाग है और उसे सरकारी भूमि पर निर्माण का पूरा अधिकार है।
हैरानी की बात यह है कि बीआरओ की शिकायत पर ही प्रशासन ने हमारे उच्च अधिकारियों से अनापत्ति प्रमाणपत्र के बिना निर्माणाधीन बुनियादी ढांचे को ध्वस्त कर दिया है। इस संबंध में मंगलवार को सभी पार्षद उपायुक्त विकास कुंडल से मुलाकात करेंगे। इस परियोजना से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा करेंगे। अध्यक्ष ने कहा कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो हम न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से नहीं हिचकिचाएंगे।
आरिफ जाट ने कहा कि राजोेरी एमसी एलजी प्रशासन के साथ भी इस मुद्दे को उठाएगी, ताकि हमें ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े। क्योंकि शहर में अन्य सार्वजनिक उपयोगिता परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं या प्रस्तावित या स्वीकृत की गई हैं। उन्होंने कहा कि आज भी बेला कॉलोनी में निर्माण कार्य यह आरोप लगाते हुए रोक दिया गया है कि राज्य की जमीन राजोेरी एमसी को हस्तांतरित नहीं की गई है।
आरिफ जाट ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई निश्चित रूप से राजोेरी एमसी की अन्य सार्वजनिक उपयोगिता परियोजनाओं पर काम में बाधा डालती है, जिन्हें पार्षदों और राजोेरी टाउनशिप के निवासियों के कठिन प्रयासों के बाद मंजूरी दी गई है। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर चिंता व्यक्त की और इसे पक्षपातपूर्ण बताते हुए दावा किया कि अन्य परियोजनाओं पर ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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