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राजोरी डे ऐस ऑफ स्पेड्स द्वारा विशेष चिकित्सा सह जागरूकता शिविर का आयोजन

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राजोरी डे के उपलक्ष्य पर महिला अधिकारिता सम्मेलन आयोजित - फोटो : RAJOURI
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राजोरी। स्कूल-कॉलेज की छात्राओं ने अपने-अपने क्षेत्र में सफलता का परचम लहरा रहीं महिलाओं से कामयाबी का मंत्र लिया। राजोेरी दिवस समारोह के तहत सेना की 25 इन्फैंट्री डिवीजन के तत्वावधान में सोमवार को महिला अधिकारिता सम्मेलन में प्रेरक संवाद का आयोजन किया गया। सम्मलेन का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर की प्रतिष्ठित महिला हस्तियों की उपलब्धियों को प्रदर्शित करना और राजोेरी की युवा महिलाओं को बातचीत करने और प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करना था।
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कार्यक्रम में कैप्टन वहीदा प्रिज्म (नौसेना), जूही मोहन (रेडियो जॉकी), डॉ. आयुषी शर्मा (रेजीडेंट डॉक्टर, सरकारी चिकित्सा अस्पताल राजोेरी) लेफ्टिनेंट दामिनी प्रकाश (सेना, 625 ईएमई बटालियन) और मेधावी शर्मा (मनोचिकित्सक) के साथ स्कूल और कॉलेजों की छात्राओं का सीधा संवाद आयोजित किया गया। इस दौरान छात्राओं को प्रेरित करते हुए सफल महिलाओं ने कहा कि अपने विकल्प हमें खुद तैयार करने चाहिए। आत्मविश्वास सबसे बड़ा हथियार है, जिसके बूते छात्राएं दूसरों के लिए एक मिसाल बन सकती हैं। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में अतिथि वक्ताओं के योगदान पर प्रकाश डाला गया, जिससे धरती की बेटियों के योगदान को और मजबूती मिली। कार्यक्रम में राजोेरी के लगभग 150 कॉलेज और स्कूली छात्रों ने भाग लिया, जिन्होंने कार्यक्रम में खासी रुचि दिखाई।
-राजोरी दिवस
स्वस्थ रहने के लिए बेहतर रखें खानपान
ऐस ऑफ स्पेड्स द्वारा विशेष चिकित्सा सह जागरूकता शिविर का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। सेना की ऐस ऑफ स्पेड्स डिवीजन के तत्वावधान में राजोेरी दिवस समारोह के तहत सोमवार को डिग्री कॉलेज मेंढर में चिकित्सा सह जागरूकता शिविर लगाया गया। सेना नियंत्रण रेखा के पास ग्रामीण क्षेत्र के लोगों तक पहुंच रही है, ताकि उन्हें चिकित्सा सहायता और परामर्श प्रदान किया जा सके। शिविर में डॉक्टरों ने लोगों को स्वस्थ रहने के लिए खानपान बेहतर रखने का अनुरोध किया।
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शिविर का आयोजन स्थानीय लोगों को मुफ्त जांच और विशेष चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया था। शिविर का संचालन करने के लिए बॉर्डरलेस वर्ल्ड फाउंडेशन नामक पुणे स्थित एक गैर सरकारी संगठन से 9 विशेषज्ञ डॉक्टरों (ऑर्थोपेडिस्ट, सर्जन, बाल रोग, स्त्री रोग, रोगविज्ञानी और मनोचिकित्सक सहित) की एक टीम आई थी। आसपास के क्षेत्रों से 500 से अधिक रोगियों ने आकर इन सुविधाओं का लाभ उठाया। शिविर में सेना और नागरिक दोनों विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मुफ्त दवाओं के वितरण के साथ-साथ सभी प्रकार के बुनियादी और विशेषज्ञ उपचार प्रदान किए। क्षेत्र में लोगों के प्रति सेना के इस नेक इरादे और वास्तविक आउटरीच कार्यक्रम की स्थानीय लोगों ने काफी सराहना की।
शिविर मुख्य रूप से वृद्ध लोगों, महिलाओं और बच्चों पर केंद्रित था। ऐसे बुनियादी स्वास्थ्य जांच के लिए उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। सेना इसे और अधिक बार आयोजित करने का प्रयास करेगी क्योंकि ये बुनियादी सुविधाएं उन्हें सेना की मदद से उनके घर के करीब प्रदान की गई थीं।
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