श्रीमदभागवत कथा में प्रवचन करतीं साध्वी।
नौशेरा। राजल शिव मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में साध्वी राधा देवी ने कहा कि मनुष्य जीवन बड़ा ही अनमोल है। इस जीवन को प्राप्त करने के लिए देवता भी तरसते हैं। इसके लिए देवता स्वर्ग भी देने को तैयार हैं। क्योंकि स्वर्ग में केवल भोग साधन है, भक्ति नहीं।
साध्वी ने कहा कि देवता भक्ति नहीं कर पाते, जिसके कारण उन्हें भय बना रहता है कि कहीं उनका स्वर्ग का सुख भोगते-भोगते पुण्य समाप्त न हो जाए, क्योंकि पुण्य समाप्त होते ही देवता हो या वह मनुष्य, नरक में जाकर गिरता है। जहां वह केवल अपने पाप भोगता है। जीव को पाप कभी पुण्य कार्य नहीं करने देता है। इसीलिए देवताओं को स्वर्ग में रहकर भी भय बना रहता है। इससे मनुष्य को शिक्षा लेनी चाहिए कि जब बिना पुण्य कर्म के देवता भी भयभीत रहते हैं तो इन कलिकाल के नास्तिक मनुष्यों का क्या होगा। जो बिल्कुल भी पुण्य कर्म नहीं करते हैं। संवाद