नौशेरा के शिव मंदिर राजल मे श्रीमद्भागवत मे उपस्थित संगत व कथा करती साध्वी
नौशेरा। राजल गांव के शिव मंदिर में महामंडलेश्वर संतोष दास के सानिध्य में चल रही श्रीमद्भागवत कथा श्री भैया दास की धर्म बेटी बाल साध्वी राधा देवी ने शुक्रवार को श्री गोवर्धन पूजा और महारास का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि प्रभु जी की हर लीला भक्तों के उद्धार के लिए है। गोवर्धन पूजा से इंद्र देव बहुत रुष्ट हो गए। इंद्र ने बहुत वर्षा की। 7 दिन तक वर्षा की। जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया।
भक्त त्राहि-त्राहि करने लगे। मेरे प्रभु से भक्तों का कष्ट देखा नहीं गया। कन्हैया जी ने बाल अवस्था में ही 7 कोस के गिरिराज पर्वत को उठाकर ब्रज वासियों की रक्षा की, और इंद्र का अहंकार चूर-चूर कर दिया। इंद्र कन्हैया जी के चरणों में आ पड़े। भगवान ने कलयुग के लोगों के लिए वरदान दिया कि जो भक्त या अभक्त इस गोवर्धन पर्वत की पूजा परिक्रमा करेगा और गौ माता की सेवा दीन दुखियों की सेवा करेगा। उसका तुरंत मनोरथ पूरा हो जाएगा और जो गोवर्धन की दंडवती परिक्रमा करेगा वह निश्चित ही भवसागर से तर जाएगा। वहीं श्रीकृष्ण व गोपियों की वेश में बेटियों ने नृत्य कर संगत का मन मोह लिया।