राजोरी। लड़कों के पहाड़ी छात्रावास में मंगलवार को पहाड़ी जनजाति सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें सीमावर्ती राजोेरी और पुंछ के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्होंने एक स्वर में अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्रदान करने की मांग दोहराई। साथ ही प्रधानमंत्री से सीमावर्ती क्षेत्र के सबसे दलित जातीयता को न्याय प्रदान करने की अपील की। सम्मेलन में कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया।
उन्होंने जनजाति की समृद्ध गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डाला। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में पहाड़ी जातीयता के पक्ष में अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग को दोहराया। उपस्थित लोगों ने कहा कि 1989 से कई सिफारिशों और आश्वासनों के बावजूद पहाड़ी जनजाति को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के लिए अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वर्तमान सरकार पहाड़ी आदिवासियों की दुर्दशा को समझेगी और अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के संबंध में विधेयक लाएगी और पारित करेगी।