राजोरी। थन्नामंडी स्थित निजी स्कूल में 32 छात्र एक साथ कोरोना संक्रमित मिले हैं। यह विद्यार्थी अलग-अलग गांवों से दसवीं और बारहवीं कक्षा की पढ़ाई करने पहुंचे थे। पॉजिटिव मिलने वालों में 17 लड़कियां भी शामिल हैं। इससे पूर्व राजोरी में पांच स्कूल विद्यार्थी संक्रमित मिले थे। उधर, जिले में आठ अन्य भी संक्रमित मिले हैं। इनमें 6 सुरक्षा कर्मी हैं। इसके बाद जिले में संक्रमितों की संख्या 66 पहुंच गई है। सोमवार को छात्रों की रिपोर्ट आई तो परिवार के लोगों को इस पर भरोसा नहीं हुआ। उनकी मांग पर सभी के दोबारा टेस्ट किए गए। इसमें भी सभी छात्र-छात्राएं संक्रमित मिली। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने पॉजिटिव पाए गए सभी विद्यार्थियों के परिवार के सदस्यों की भी सैंपलिंग शुरू कर दी है।
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अभिभावक छात्रों को नहीं भेज रहे कोविड केयर सेंटर
संक्रमित पाए गए छात्रों को अभिभावक उन्हें कोविड केयर सेंटर नहीं भेज रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि अभिभावकों बच्चों को घर ले गए और कोविड केयर सेंटर में सुविधाएं उपलब्ध न होने की बात कह रहे हैं। जिला प्रशासन भी बच्चों को कोविड-केयर सेंटर में शिफ्ट करने के लिए सख्त रवैया अपना रहा है। एडीसी ताहिर मलिक ने बताया कि तहसीलदार थन्नामंडी को बच्चों को कोविड केयर सेंटर प्लांगड़ में शिफ्ट करने को कहा है। निर्देश दिए गए हैं कि अगर इसमें कोई बाधा डालता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। देर रात तक प्रशासन और अभिभावकों के बीच असमंजस बरकरार था।
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मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देश, संभावित लक्षण वालों को दवा न दें
दरहाल ब्लाक में लगातार केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि ब्लॉक में कोरोना का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। कई लोग कोरोना के लक्षण जाहिर नहीं कर रहे हैं जो बहुत घातक साबित हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल स्टोरों मालिकों को निर्देश दिए है कि वह कोरोना से जुड़े लक्षणों वाले मरीजों को दवा न दें। उन्हें तत्काल सैंपलिंग के अस्पताल भेजें। इसके अलावा इसके प्रकार के मरीजों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग व पुलिस को दें।