सुंदरबनी। तकरीबन एक माह पूर्व किसानों ने मक्की की फसल की बिजाई की थी। उसके बाद बारिश नहीं होने के कारण पहले से ही मक्की की फसल सूखे की चपेट में आने से खराब हो गइ। जो फसल बची थी अब उसके ऊपर फाल आर्मीवर्म नामक कीडे़ का प्रहार होने लगा है। इस कारण मक्की की फसल बरबाद होने के कगार पर पहुंच चुकी है।
एक माह पूर्व किसानों द्वारा मक्की की फसल लगाने के बाद किसानों को लगने लगा था कि इस बार सही समय पर मक्की की फसल की बिजाई होने से मक्की की रिकाड पैदावार होगी, लेकिन जिस प्रकार से पहले बारिश नहीं होने और अब जब बारिश हुई तो फाल आर्मीवर्म नामक कीडे़ के हमले के कारण मक्की की फसल को भारी नुकसान हो रहा है। मक्की को लगी इस बीमारी की जानकारी मिलते ही कृषि विभाग के कर्मचारियों तथा अधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर मक्की की फसल को लगी बीमारी की जांच करते हुए पाया कि मक्की की फसल पर फाल आर्मीवर्म नामक कीडे़ ने प्रहार किया है। इसके लिए सभी किसानों को समय गवाएं बिना दवाइयों का छिड़काव करके फसल को बचाना चाहिए।
इस संबंध में किसान सुरेंद्र कुमार, प्रवीण कुमार, राजेंद्र कुमार, सुरेश कुमार, कृष्ण लाल, अशोक कुमार आदि का कहना है कि कृषि विभाग की तरफ से उन्हें दवाई के छिड़काव की हिदायतें तो दी जा रही हैं, लेकिन यह सभी दवाइयां उन्हें बाजारों से ही खरीदनी पड़ रही हैं। जो महंगे दामों पर मिल रही है। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाई कि विभाग को जल्द से जल्द अपने पास से किसानों को सब्सिडी पर दवाइयां उपलब्ध कराने के प्रयास करने चाहिए और अगर विभाग की तरफ से ऐसा नहीं किया गया तो गरीब किसान इतनी महंगी दवाइयों को खरीद पाने में असमर्थ रहेंगे और उनकी मक्की की फसल पूरी तरह से बरबाद हो जाएगी।
रविवार को डीडीसी सदस्य राजेंद्र शर्मा ने भी कृषि विभाग के कर्मचारियों तथा अधिकारियों को साथ लेकर ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर मक्की की फसल को लगने वाली बीमारी के संबंध में जागरूक करते हुए किसानों को जल्द से जल्द दवाइयों का छिड़काव करने को कहा, ताकि मक्की की फसल को पाउल आर्मीवर्म नामक कीडे़ के प्रहार से बचाया जा सके।