राजोरी। जिले के पढ़े लिखे बेरोजगार युवाओं को खुद का कारोबार स्थापित करने और अपने पैरों पर खडे़ होने के लिए सरकार की तरफ से चलाई जा रही योजनाओं का लाभ लेने के लिए बैंक उन्हें श्रण देने में देरी कर रहा है। उपायुक्त राजोरी ने बैंकों की इस लापरवाही का संज्ञान लेते हुए ऋण देने में देरी न करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
उपायुक्त राजेश कुमार शवन ने आदेश जारी कर बड़ी संख्या में कृषि, बागवानी, उद्योग और वाणिज्य विभाग, केवीआईबी, मत्स्य पालन, रोजगार, भेड़ और पशुपालन विभागोे ंद्वारा रोजगार जनरेशन कार्यक्रम के तहत ऋण मामले विभिन्न बैंक शाखाओं में स्वीकृति के लिए लंबित पड़े हैं। डीसी ने बताया कि पेंडेंसी के मुद्दे पर बार-बार चर्चा की गई और इन योजनाओं की समीक्षा को लेकर लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर जेके बैंक के साथ हुई बैठकोें के दौरान उन्हें मौके पर निर्देश भी जारी किए गए कि बिना किसी देरी के लंबित मामलों को निपटा लिया जाएं। उपायुक्त के अनुसार बड़ी संख्या में युवाओं ने इस कार्यालय से संपर्क किया है और बार-बार ये शिकायत की कि बैंक उन्हें लोन देने में कम दिलचस्पी दिखा रहा है। उनके पक्ष में ऋण मामलों की मंजूरी में देरी की जा रही है, जिससे उनका कीमती समय नष्ट हो रहा है। वहीं सरकार और डीसी कार्यालय द्वारा जारी स्पष्ट निर्देशोें के बावजूद बैंकों द्वारा लोन मामले को स्वीकार न करने का कड़ा संज्ञान लिया गया है।
डीसी ने बताया कि उक्त सभी योजनाएं बेरोजगार युवाओं के कल्याण के लिए हैं। डीसी ने आदेश दिया कि लंबित ऋण मामलों की निकासी तत्काल सुनिश्चित करेंगे । इस संबंध में अनुपालन रिपोर्ट व्यक्तिगत रूप से पेश करेंगे, जिसमें विफल रहने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और नियमों के तहत डिफॉल्टरों के खिलाफ एक्शन किया जाएगा।