पीएचई डेलीवेजरों के पिछले एक महीने से हड़ताल पर रहने के बाद से जम्मू संभाग में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। गर्मी में प्यास बुझाने के लिए हर किसी को ना जाने कितने जतन करने पड़ रहे हैं।
इस बीच एक वर्ग ऐसा भी है, जो दूसरों की प्यास बुझाने के लिए जतन कर रहा है, जबकि दूसरा वर्ग तसल्ली से प्यास बुझाने के लिए जुगाड़ करा रहा है। ये हाल देखना हो तो अखनूर के भलवाल ब्राह्मण हाईस्कूल चले जाइए। जहां खुद की नहीं, शिक्षकों की प्यास बुझाने के लिए नौनिहाल ना जाने कितने जतन कर रहे हैं।
अखनूर के भलवाल ब्राह्मण हाईस्कूल में जहां बच्चे पढ़ने आते हैं, वहां उन्हें पढ़ने का मौका तो मिल रहा है, लेकिन वो स्कूल की प्रार्थना से पहले एक जिम्मेदारी और निभा रहे हैं। यहां प्रार्थना शुरू होने से पहले बच्चों को शिक्षकों की प्यास बुझाने के लिए स्कूल से बाहर निकलकर कई जतन करने पड़ रहे हैं।
स्कूल के बच्चों ने नाम ना छापने पर अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि वो सुबह को स्कूल तो समय पर आ जाते हैं, लेकिन स्कूल पहुंचते ही शिक्षक उन्हें एक किमी दूर तक आसपास के घरों में से मयूर जग में से पानी भरकर लाने के लिए भेजते हैं।
हर रोज स्कूल स्टॉफ अलग-अलग क्लास के बच्चों को भेजता है। ये काम उन्हें स्कूल समय में एक बार नहीं, बल्कि तीन-चार बार करना पड़ता है। स्कूल के बच्चे रोज-रोज होने वाली इस दिक्कत से आजिज आ चुके हैं, लेकिन स्कूल प्रशासन है कि उन्हें सिर्फ अपनी प्यास ही दिखाई देती है।