फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिगवार सेक्टर में ग्रामीणों को मिली पक्के पुल की सौगात

विज्ञापन
विज्ञापन
पुंछ। भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर बीते वर्ष लागू हुए संघर्ष विराम से जहां नियंत्रण रेखा से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का जीवन बदला है, वहीं एक वर्ष के संघर्ष विराम का सबसे अधिक लाभ पुंछ जिले के नियंत्रण रेखा से सटे दिगवार सेक्टर के दर्जन भर गांव के लोगों को मिलने जा रहा है। क्योंकि देश की आजादी के सात दशक बाद इस क्षेत्रों को पहले पक्के पुल की सौगात मिलने जा रही है। बीते वर्ष भारत-पाकिस्तान के बीच डीजीएमओ स्तर पर हुई बैठक के बाद दोनों देशों की सेनाओं ने नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी न करने और संघर्ष विराम का पूरी तरह पालन करने पर रजामंदी के बाद ही पुंछ जिले के दिगवार तेड़वां से दिगवार के बीच बहने वाली बेतार नदी पर पक्के पुल के निर्माण का कार्य शुरू किया गया था जो अब करीब करीब पूरा होने वाला है।
विज्ञापन

जिससे दिगवार, माल्टी, दलान, नूरकोट, नक्करकोट, तुगलू, बगयालदरा और माल्टी जैसे पीड़ित रहने वाले ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को काफी आसानी हो जाएगी। यह लोग अपने घरों से गाड़ियों में सवार हो कर पुंछ नगर सहित जिले के किसी भी क्षेत्र में आ जा सकेंगे। बेतार नदी पर आठ करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस पुल के निर्माण पर खुशी जताते हुए क्षेत्र के अली मोहम्मद, अजय कुमार और परविंदर सिंह आदि का कहना है कि बेतार नदी पर कई बार पक्का पुल बनाने की योजना बनाई जाती रही है। मगर पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी के कारण यहां पुल का निर्माण संभव नहीं हो पा रहा था। बीते साल से जारी संघर्ष विराम के साथ ही यह पुल करीब बन कर तैयार है और अगले एक दो महीने में यह गाड़ियों की आवाजाही के काबिल हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें