पुंछ। सुरनकोट तहसील के गांव पमरोट स्थित पीर मकबूल शाह बुखारी का 20 वां उर्स रविवार को संपन्न हो गया। दो दिवसीय उर्स में पुंछ, राजोरी जिलों के साथ ही कश्मीर घाटी के कई क्षेत्रों से हजारों की संख्या में पीर को मानने वाले जियारत पर पहुंचे और अमनचैन की दुआएं मांगी।
उर्स के अंतिम दिन रविवार को सुबह से जियारत पर अकीदतमंदों की भीड़ जुटने लगी। जो जियारत पर दुआएं मांग रहे थे। दूसरी तरफ जियारत प्रांगण में कुरान ख्वानी के साथ ही उलेमाओं ने पीर मकबूल शाह बुखारी के जीवन और जिले में दिए योगदान पर विचार प्रकट करते हुए क्षेत्र में अमन चैन की दुआ मांगी। इस अवसर पर पीर मकबूल शाह बुखारी के पुत्र एवं पहाड़ी नेता मुश्ताक हुसैन बुखारी ने कहा कि जहां आमतौर पर पीर अपने मुरीदों के कष्ट दूर करने के लिए उन्हें ताबीज देने और झाड़ फूंक करने का काम करते हैं। पीर मकबूल शाह बुखारी जिन्हें उनके मुरीद प्रेम से पीर मट्टू साहब भी कहते थे, उन्होेंने अपने जीवन में जिले में इस्लाम के प्रचार प्रसार के लिए बहुत काम किया। वह जिस गांव में गए वहां से उन्होंने दो चार युवाओं को तालीम के लिए भेजते थे। इसके चलते जिले में जो बड़े बड़े उलेमा हैं, इसलामी स्कॉलर हैं। वह पीर साहब द्वारा ही बनाए गए है, जिसके कारण आज जिले के हर गांव में इसाम का बोलबाला है।