पुंछ। जिले में रंगों का पर्व होली बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। कोरोना महामारी में आई कमी और सभी आयु वर्ग का टीका कर्ण पूरा होने से संक्रमण के विस्तार की संभावना कम होने के चलते इस बार करीब दो वर्ष बाद सनातन धर्म सभा की तरफ से प्राचीन परंपरा को निभाते हुए होली पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें सैकड़ों की संख्या में लोगों ने ढोल की थाप पर नाचते गाते गुलाल उड़ाते हुए भाग लिया।
शुक्रवार सुबह से ही जिले के साथ ही पुंछ में हर तरफ होली की धूम दिखाई देने लगी थी। हर तरफ नौजवान, बच्चे, महिलाएं बुजुर्ग हाथों में गुलाल पकड़े और चेहरों पर रंग बिरंगे रंग लगाए आते जाते दिखाई देने लगे थे। इस बीच सुबह दस बजे बड़ी संख्या में सनातन धर्म अनुयायी जिला सनातन धर्म सभा के प्रधान सतीश सासन और अन्य पदाधिकारियों की अगुवाई में गीता भवन में एकत्र हुए। जहां उपायुक्त इंद्रजीत और एसएसपी रोहित बसकोत्रा सहित बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे और एक दूसरे को गुलाल लगाते हुए होली की बधाइयां दीं। इसके बाद 11 बजे गीता भवन से शोभायात्रा निकाली गई, जो नगर के मुख्य बाजार, परेड बाजार से होती हुई लक्ष्मीनारायण मंदिर के बाहर से होती हुई मोहल्ला डूंगस स्थित प्राचीन राधे श्याम मंदिर पहुंची। जहां भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के चरणों में गुलाल अर्पित करने के साथ उनकी आरती उतारी गई। शोभायात्रा नगर के हर क्षेत्र का चक्कर लगाते हुए गुलाल उड़ाते हुए दोपहर बाद गीता भवन में पहुंच कर संपन्न हुई।
सेना ने नियंत्रण रेखा पर युवाओं के साथ मनाई होली
भारत माता के जयकारों से गूंजा क्षेत्र
ेक्टर में सेना की दुर्गा बटालियन की तरफ से भी होली समारोह का आयोजन किया गया। इसमें जवानों और अधिकारियों ने नियंत्रण रेखा पर स्थित गांव के युवाओं के साथ हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ होली मनाई।
सेना के जवानों और युवकों ने एक दूसरे के चेहरे पर रंग लगाए और गले मिल कर एक दूसरे को बधाइयां देने के साथ ही मिठाई से एक दूसरे का मुंह मीठा कराया। नियंत्रण रेखा पर आयोजित इस होली समारोह में भाग लेने वाले जवानों और युवाओं की तरफ से लगाए जाने वाले भारत माता की जय और होली है के जयकारों से पूरा क्षेत्र घंटों तक गूंजता रहा। नियंत्रण रेखा पर होली मनाने वाले सेना के जवानों का कहना था कि हम आज बहुत खुश है जो यहां के युवाओं के साथ पर एक दूसरे पर गुलाल लगाकर एक साथ भाइयों की तरह होली मना रहे है। जैसे हम घरों में होली मनाया करते हैं। हमें इस बात का अहसास ही नहीं हो रहा है कि हम घरों से दूर हैं। क्षेत्र के नौजवानों अंकुश शर्मा, रजत शर्मा, सन्नी आदि कहना है कि हम यहां सेना के जवानों से साथ होली मना रहे हैं ताकि उन्हें इस बात की कमी न खले की वह अपने घरों से दूर हैं।
मेंढर में उत्साह से मना रंगों का त्योहार
मेंढर। उपजिले में भी प्रेम विश्वास और रंगों का त्योहार होली उत्साह और उमंग से मनाया गया। इसके चलते मेंढर में बच्चों, युवाओं और बड़े लोगों ने होली का त्योहार एक दूसरे को गुलाल लगाकर मनाया। लोगों ने टोलियों में बाजारों में घूम-घूमकर लोगों के घरों और दुकानों में जा-जाकर रंग और गुलाल लगाया और मिठाई खिला कर मुबारकबाद दी।
मेंढर वासियों विजय कुमार, पवन कुमार, राकेश कुमार, पार्थ वर्मा, आदित्य चंदन, अक्षु वर्मा, अधन्या चंदन, राधे वर्मा और विक्रांत कुमार का कहना था, कि दो वर्ष हम कोरोना के कारण होली का त्योहार भी अच्छी तरह से नहीं मना सके थे। इस बार हमने बड़ी खुशी से होली का त्योहार मना रहे हैं। इनका कहना था कि होली को सर्दी की समाप्ति और गर्मी की शुरुआत भी माना गया है और ये फाल्गुन पूर्णिमा पर मनाया जाता है।