पुंछ जिले के श्रीबुडडा अमरनाथ मंदिर में पहुंचने पर छडी मुबारक का पूजन करते स्वामी विश्वात्मांनं
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पुंछ। प्राचीन दशनामी अखाड़ा मंदिर से सदियों से चल आ रही परंपरा को निभाते हुए रक्षाबंधन के दो दिन पूर्व शुक्रवार को मुंह अंधेरे रवाना की गई पवित्र छड़ी मुबारक कड़ी सुरक्षा के बीच दशनामी अखाड़ा मंदिर के महंत राजगुरु स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती, जिला प्रशासन, पुलिस अधिकारियों एवं साधुओं की अगुवाई में श्री बूढ़ा अमरनाथ मंदिर पहुंचाया गया। जहां पुलिस की तरफ से छड़ी मुबारक को सलामी दी गई। इसके बाद पवित्र छड़ी को मंदिर लाया गया और वैदिक मंत्रों के साथ पूजन कर उसे श्री बूढ़ा अमरनाथ में स्वयंभू शिवलिंग पर स्थापित कर दिया गया। जहां इस छड़ी का रक्षाबंधन के दूसरे दिन तक पूजन एवं दर्शन किए जाएंगे।
जानकारी के अनुसार कोरोना को देखते हुए इस बार भी छड़ी मुबारक में लोगों की भीड़ जमा होने से रोकने के लिए मुंह अंधेरे सुबह तीन बजे श्री दशनामी अखाड़ा मंदिर से शिव पार्वती के प्रतीक छड़ी मुबारक को राजगुरु गद्दी के महंत महामंडलेश्वर 1008 स्वामी विश्वात्मा नंद सरस्वती द्वारा मंदिर से बाहर लाया गया। जहां पर डीआईजी पुंछ-राजोरी विवेक गुप्ता, उपायुक्त इंद्रजीत और एसएसपी डॉक्टर विनोद कुमार की अगुवाई में छड़ी मुबारक को सलामी दी गई। कड़ी सुरक्षा के बीच दर्जन भर वाहनों से छड़ी मुबारक मंडी कस्बे स्थित श्री बूढ़ा अमरनाथ के लिए रवाना हुई। मंदिर के बाहर पहुंचने पर एक बार पुलिस ने सलामी दी और छड़ी मुबारक को मंदिर में लाया गया। वैदिक मंत्रों के साथ छड़ी का पूजन कर उसे मंदिर में स्थापित कर दिया गया।
स्वामी जी ने कहा कि कोरोना से लोगों को बचाने के लिए इस बार भी छड़ी यात्रा की परंपरा का निर्वाह करते हुए सरकार की तरफ से जारी निर्देशों का पालन करते हुए उसे सीमित लोगों के साथ यहां लाया गया है।