पुंछ जिले के सलोत्री और कृष्णा घाटी के जंगलों में लगी आग
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पुंछ। जिले के कई क्षेत्रों के जंगलों में मंगलवार को भी भीषण आग लगी रही। इस पर काबू पाने एवं उसे बूझाने के लिए वन विभाग के जिला अधिकारी सुरेश मांडा, रेंज अधिकारी निसार हुसैन की देखरेख में कर्मचारी, दमकल कर्मी, सेना के जवान और कुछ ग्रामीण प्रयास करते रहे, लेकिन गर्मी और 20 दिनों से बारिश होने से खुश्क मौसम आग को तेजी से फैलाने का काम कर रहा है।
इससे करोड़ों की वन संपदा, हजारों जंगली जानवर, कीट पतंगे एवं पक्षी इस आग में जल कर राख हो रहे हैं। जिले में लगातार कई क्षेत्रों में जंगलों के बड़े भाग में आग लगने की घटनाएं पेश आने को लेकर जब संवाद न्यूज एजेंसी ने वन विभाग पुंछ के रेंज अधिकारी निसार हुसैन शाह से बात की तो उनका कहना था कि पुंछ में जंगलों में आग लगने की जो घटनाएं हो रही हैं, उनमें मात्र पांच प्रतिशत घटनाएं दुर्घटनावश होती हैं। जो आग की श्रेणी में आती हैं, जिले में 95 प्रतिशत आग की घटनाएं जानबूझ कर अंजाम दी जाती हैं। इनमें जंगलों के आसपास रहने वाले लोगों द्वारा घास की अच्छी फसल पाने के लिए आग लगाई जाती है। जो बेकाबू हो कर जंगलों के बड़े क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लेती है, जिससे जंगलों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। जानबूझ कर आग लगाने वालों का वन विभाग पता लगाकर कार्रवाई भी कर रहा है, और आगे भी ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निसार हुसैन का कहना है कि वन विभाग के कर्मचारी अधिकारी दिन रात जंगलों की आग बुझाने के लिए काम कर रहे हैं, और उसमें हमारा साथ कई स्थानीय लोग भी दे रहे हैं, जिससे हम आग बुझा पर रहे हैं। क्योंकि जिले में बहुत कम जंगल ऐसे हैं, जहां तक सड़कें हैं, वहां फायर ब्रिगेड की गाड़ियां जा सकती हैं। ज्यादातर क्षेत्रों में हमें आग बुझाने के लिए पारंपरिक तरीकों का ही प्रयोग करना पड़ता है।