उधर, स्थानीय व्यापारी अरुण शर्मा, करण सिंह, राकेश कुमार, देवेंद्र शर्मा, सूरज थापा, करनैल सिंह का कहना है कि पिछले वर्ष तो बोर्ड प्रशासन सहित राज्य प्रशासन द्वारा इन दिनों यात्रा का आंकड़ा 10 हजार के करीब रखा हुआ था, जबकि वैक्सीन भी नहीं आई थी। अब तो वैक्सीन भी लगभग लग चुकी है।
व्यापारियों का कहना है कि सरकार ने किसानों की मांगें मान ली हैं, फिर भी पंजाब में किसानों द्वारा ट्रेनें रोक दी गई हैं। इससे हमारा कारोबार चौपट हो गया है। दिनभर ग्राहकों के आने का इंतजार करते रहते हैं। दो वर्षों से हमारा कामकाज ठप पड़ा है। उधर, पंजीकरण कक्ष के अनुसार रविवार को 21 हजार के करीब भक्त भवन की ओर रवाना हुए थे। लेकिन सोमवार को शाम छह बजे तक आठ हजार के करीब ही भक्तों ने पंजीकरण करवाया था, जबकि कक्ष के बंद होने में समय बाकी था।