चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन जसरोटा स्थित काली माता के दरबार में अपनी हाजिरी लगाते भक्त। संवाद
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कठुआ। मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के पर्व नवरात्र के दूसरे दिन जिला भर के मंदिरों में महामाई के जयघोष गूंजतें रहे। इस दौरान जिला भर के देवी मंदिरों में माता के ब्रह्मचारिणी स्वरूप का पूजन किया गया। वहीं रविवार का अवकाश होने के कारण मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही। जहां उन्होंने कतारों में लगकर महामाई का आशीष प्राप्त किया।
चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन बिलावर स्थित सुकराला माता और जसरोटा स्थित काली माता का दर्शन पाने के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ा रहा। इस दौरान दिन भर मंदिर में भक्तों की कतार लगी रही। जहां एक-एक कर भक्तों ने माता के समक्ष माथा टेंककर अपने परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं मंदिर परिसरों में आयोजित मेलों में वहां आने वाले भक्तों ने खरीददारी करने के साथ वहां लगाए गए झूलों का आनंद लिया।
जसरोटा मंदिर कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह जसरोटिया के अनुसार रविवार को मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने माता का दर्शन किया है। उन्होंने बताया कि इस दौरान व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कमेटी द्वारा पुख्ता प्रबंध किए गए। साथ मंदिर में आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए भंडारे का प्रबंध भी किया गया। इस दौरान हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार जसरोटा स्थित काली माता के दरबार में 10 हजार, बिलावर सुकराला माता के मंदिर में 17 हजार, बिलावर के माता बाला सुंदरी के मंदिर में 5 हजार और नगरी स्थित माता बाला सुंदरी के भवन में 3 हजार भक्तों ने अपनी हाजिरी लगाई है। इसके अलावा शहर के मुख्य बाजार सिथत माता आशापूर्णी, लखनपुर सिथत किले वाली माता मंदिर और सहार स्थित चंद्रिका माता के मंदिरों में भी दिन भर भक्तों की भीड़ लगी रही।
इस बीच सहार पंचायत के शेर कोटला स्थित चंद्रिका माता के मंदिर में पूर्व वनमंत्री राजीव जसरोटिया ने अपनी हाजिरी लगाकर माता का विधिविधान से पूजन किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में कंजक पूजन कर उनका आशीष भी प्राप्त किया। दर्शन करने पहुंचे पूर्व वनमंत्री ने मंदिर के प्रधान व स्थानीय सरपंच से नवरात्र के दौरान भक्तों की सुविधा के लिए किए गए प्रबंधों की जानकारी लेने के साथ मंदिर की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हर सहयोग देने का आश्वासन दिया।