रामकोट। रामकोट के उज्जपुल वरुण देवस्थान पर रविवार को भक्तों का तांता लगा रहा। लोगों ने माथा टेक कर वरुण देव के दर्शन कर मेले का आनंद लिया। दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने मन्नतें पूरी होने पर भंडारे का भी आयोजन किया।
सरपंच कैप्टन ओेम प्रकाश, गुडा कल्याल जोगिंदर कुमार व कैप्टन पवन कुमार शर्मा का कहना है कि 60 साल पहले वरुण देवस्थान को डुग्गल कंस्ट्रक्शन कंपनी के जेई सरदार दर्शन सिंह ने बनाया था। जब उज्जपुल का निर्माण हो रहा था, तब पुल निर्माण में कई विघ्न आए, जिससे कंपनी के अधिकारी काफी परेशान हो चुके थे।
उन्होंने बताया कि एक रात निर्माण करा रहे जेई सरदार दर्शन सिंह को दैवीय शक्ति ने सपने में आकर अपने अस्तित्व के बारे में बताया। उसी के कोप के कारण पुल का स्तंभ बार बार टूट रहा है। पहले देव की स्थापना होगी, तब पुल का निर्माण होगा। इसके बाद सुबह उठकर सबसे पहले जेई दर्शन सिंह ने स्थानीय लोगों को पूरा वाक्या बताया और एक लोहे की छड़ को एक स्थान पर रखकर मीठा रोट देकर देवता को मनाया और पुल का निर्माण बिना कोई विघ्न के पूरा हो गया। धीरे-धीरे वरुण देवस्थान पर मनोकामनाएं पूरी होने पर बकरे की बलि, दूध व घी के अलावा फसल चढ़ाते हैं।
कैप्टन पवन सिंह ने कहा कि 10 वर्ष बीत जाने के बाद वरुण देवस्थान के विकास की तरफ बिल्कुल ध्यान नहीं दिया गया। जिस कारण लोगों में रोष व्याप्त है। उज्जपुल में प्रतिदिन हजारों रुपये लोग चढ़ाते हैं, लेकिन विभाग की ओर से आज तक कोई विकास कार्य नहीं किया गया। लोगों ने जल्द से जल्द उज्जपुल वरुण देवस्थान पर विकास की मांग की है।