कठुआ के कॉलेज रोड पर महिला की मौत के बाद घटना स्थल पर जमा हुए लोग। संवाद
- फोटो : KATHUA
कठुुआ। कॉलेज रोड पर वीरवार को अपने भांजे की शादी में शामिल होने जा रही एक 40 वर्षीय महिला चलती बस से नीचे गिर गई। गिरने के बाद वह बस के पिछले पहिए के नीचे आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे से शादी की खुशी मना रहे परिवार में मातम छा गया। महिला की पहचान विजय लक्ष्मी पत्नी देव राज निवासी वार्ड 3 इंदिरा कॉलोनी कठुआ के रूप में हुई है। महिला की मौत के लिए परिजनों ने शहर की सड़कों पर हो रही अवैध पार्किंग को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, बस यात्रियों ने बताया कि महिला बस के गेट पर खड़ी थी। इसी दौरान झटका लगने से वह नीचे गिरी और पिछले टायर के नीचे आने से उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बस को जब्त कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
महिला की दुर्घटना में हुई मौत पर दुख जताते हुए पड़ोसी रवि कुमार ने बताया कि मृतका छन्न अरोड़ियां के पास स्थित मायके में अपने भांजे की शादी में हिस्सा लेने जा रही थी। अभी वह घर से निकलकर बस में सवार हुई ही थी कि चलती बस में लगे झटके के कारण नीचे गिर गई और सड़के किनारे खड़ी कार से टकराकर महिला बस के पिछले टायरों के नीचे आ गई। शहर के सबसे व्यस्त रहने वाले कॉलेज मार्ग पर हुई इस घटना के बाद काफी संख्या में लोग जमा हो गए। जिससे वहां आवागमन बाधित हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से महिला के शव को जीएमसी कठुआ पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित किए जाने के बाद उसके शव को पोस्टमार्टम के शव गृह में रखवा दिया है। वहीं, इस संबंध में पुलिस बस को अपने कब्जे में लेकर कानूनी जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
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शहर के फुटपाथ पर सज रहीं दुकानें
महिला की मौत के लिए स्थानीय लोगों ने शहर की सड़कों के किनारे होने वाली अवैध पार्किंग को जिम्मेदार ठहराया है। पीपुल्स यूनाइटेड फ्रंट के अमरीश जसरोटिया ने अवैध पार्किंग के प्रति ट्रैफिक पुलिस अकर्मण्यता को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि काली बड़ी से लेकर हटली मोड़ तक जाने वाले इस शहर के मुख्य मार्ग पर अवैध पार्किंग लोगों के लिए जी का जंजाल बनी हुई है। सात किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर सरकारी कार्यालयों, बैंकों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के आगे अवैध पार्किंग का जमावड़ा बना ही रहता है। फुटपाथ पर दुकानदारों का सामान रहता है, ऐसे में लोग सड़कों पर चलने को विवश होते हैं। जिसे रोकने के बजाए ट्रैफिक पुलिस सिर्फ कालीबड़ी में नाका लगाकर दो पहिया वाहन चालकों के चालान काटने में व्यस्त रहती है। नगर परिषद की ओर से भी फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान आखिरी बार कब चलाया गया कुछ याद नहीं। शहर के किसी भी हिस्से में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कार्रवाई करता कोई ट्रैफिक पुलिस कर्मी नही दिखाई देता है। तीन दर्जन के करीब ट्रैफिक आंखे बंद किए हुए है। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन व ट्रैफिक पुलिस का अवैध पार्किंग के खिलाफ ऐसा ही रवैया बना रहा तो आने वाले दिनों में इस तरह की और भी घटनाएं हो सकती है। उन्होंने कहा कि हादसे के लिए जितना जिम्मेदार महिला को कुचलने वाला वाहन है, उतना ही विभाग भी हैं। उनपर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
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सवारी बैठाने की होड़ ने ले ली एक और जान
शहर से विभिन्न रूटों की ओर जाने वाली बसों और मिनी बस चालकों में सवारियों को बैठाने के लिए मचने वाली होड़ इस तरह की घटनाओं का कारण बनती है। जम्मू की ओर जाने वाली बसें नए बस स्टैंड से चलकर शहीदी चौक में आकर सवारियों के इंतजार में खड़ी हो जाती है। इसी तरह का हाल नगरी बस अड्डा और मुखर्जी चौक से चलने वाली मिनी बसों का शहर के अंदर देखने को मिलता है। ज्यादा से ज्यादा सवारियों उठाने के चक्कर में यात्री वाहनों के चालक वहां खर्च किया जाने वाले अतिरिक्त समय की पूर्ति अपने वाहनों को तेज गति के साथ सड़क पर दौड़ा कर पूरा करते हैं। अंधाधुंध स्पीड के साथ शहीदी चौक से काली बड़ी की ओर निकलने वाले इन भारी वाहनों केे कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती ही रहती है। आज से करीब चार वर्ष पूर्व भी एक डिग्री कॉलेज का छात्र की जान भी इसी तरह से होने वाली सड़क दुर्घटना के कारण इसी इलाके में हो चुकी है।