रामकोट। जल शक्ति विभाग के अस्थायी कर्मियों की 48 घंटे की काम छोड़ हड़ताल का असर वीरवार को तहसील रामकोट के कई इलाकों में देखने का मिला। लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ा। हड़ताल की वजह से पंपिंग स्टेशन रामकोट, मकवाल, कंधार्नु, नगरोटा गुजरू, काह, कच्छिड़, लाखडी, अगली धार गुड़ा कल्याल, द्रमनि आदि बंद रहने की वजह से पेयजल की आपूर्ति लगभग अस्सी प्रतिशत तक बाधित रही। इससे लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ा।
जल शक्ति विभाग के तहसील रामकोट के अस्थायी कर्मचारियों ने बुधवार शाम 8 बजे से 48 घंटे की काम छोड़ हड़ताल शुरू कर दी। यूनाइटेड फ्रंट के सदस्य पुरुषोत्तम कुमार, उत्तम चंद, मोहिंदर सिंह मंकोटिया और सुशील कुमार ने कहा की सरकार हमारी मांगों को हर बार दरकिनार कर रही है। इससे हमें मजबूरी में एक बार फिर से यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने सरकार से फिर मांग की कि जल्द सभी अस्थायी कर्मचारियों को एसआरओ 64 के तहत नियमित किया जाए। 70 माह का बकाया वेतन दिया जाए। इसके साथ ही कर्मचारियों ने अन्य कई मांगों को रखा। एक अन्य अस्थायी कर्मचारी बलबीर चंद ने कहा कि यदि सरकार हमारी इन मांगों को पूरा नहीं कर पाई तो हम अनिश्चितकालीन काम छोड़ हड़ताल पर चले जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी सरकार की रहेगी। इस मौके पर वीरपाल, राजकुमार, कमल किशोर, बाबू राम, सत्यमनु, राज कुमार, रशपाल, रघुनंदन, रविंद्र सिंह, रोमालो राम आदि मौजूद रहे।