उपभोक्ता मामले और जन वितरण विभाग द्वारा घटिया राशन भेजे जाने पर शनिवार को मेहताबपुर से आए ग्रामीणों ने रोष जताया।
ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए कहा कि एक तो उन्हें राशन पूरा नहीं मिलता और न ही इसको समय पर भेजा जाता है। इसके बाद भी जब राशन मिला तो उसमें मकड़ी के जाले और मरे हुए कीट पतंगे भी पड़े थे।
ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे बलदेव कुमार ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से उन्हें राशन नहीं मिला था। लोगों ने दो सप्ताह पूर्व विभाग से राशन देने की गुहार लगाई थी जिसके बाद कुछ दिन पूर्व ही राशन गांव में सप्लाई किया गया लेकिन जब लोगों ने राशन की बोरियों को घर जाकर खोला तो उनकी आंखें फटी की फटी रह गई।
देस राज ने कहा कि उन्होंने तीन दिन पूर्व ही राशन डीपो से राशन लिया था लेकिन जब उन्होंने चावल के बैग को घर जाकर खोला और उससे पत्थरों की छंटनी के लिए साफ करने लगे तो उसमें मकड़ी के जाले के साथ मरे हुए कीट पतंगे भी मिले।
लोगों ने कहा गांव में करीब दौ सौ परिवार रहते हैं जिन्हें ऐसा राशन सप्लाई होता है। उन्होंने एक ही डिपो से राशन लिया है।
लोगों ने कहा कि पहले तो उन्होंने डिपो मालिक से इस संबंध में बात की लेकिन उसने कहा कि जो राशन उसे सप्लाई किया जाता है उसे ही वह लोगों को वितरित करता है।
लोगों ने बताया कि डिपो मालिक उनके सामने ही बैग खोलता है। ऐसे मेें विभाग ने ही घटिया राशन भेजा है। मामले के बारे में पूछे जाने पर एडी सीएपीडी ने कहा कि विभाग गोदाम से ही राशन उठाता है।
लोगों ने उन्हें चावल दिखाए हैं, मामले की जांच के लिए उन्होंने टीएसओ को कहा है। साथ ही गोदाम में भी राशन बैग की जांच के निर्देश दिए हैं।