बिलावर। उपमंडल की गढ़ गांव के पंचायत प्रतिनिधियों और अन्य ग्रामीणों ने सरकार से हाई स्कूल का दर्जा बढ़ाकर हायर सेकेंडरी स्कूल बनाने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने बताया कि वर्ष 1987 में उनके गांव के मिडिल स्कूल का दर्जा बढ़ाकर उसे हाई स्कूल किया गया था लेकिन इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी सरकार ने हाई स्कूल का दर्जा बढ़ाकर उसे हायर सेकेंडरी स्कूल नहीं बनाया है। नतीजतन गाना और उसके आसपास के अन्य कई गांवों के विद्यार्थियों को 11वीं और 12वीं की कक्षा की पढ़ाई करने के लिए हायर सेकेंडरी स्कूल बिलावर, हायर सेकेंडरी स्कूल भड्डू या फिर हायर सेकेंडरी स्कूल दरूंग जाना पड़ता है, जो गांव से कई किलोमीटर दूरी पर है। लोगों ने बताया के हायर सेकेंडरी स्कूल बिलावर में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को 20 किलोमीटर दूर वाहन के रास्ते बिलावर पहुंचना पड़ता है, जिससे विद्यार्थियों का समय बर्बाद होता है। उन्होंने बताया कि पैदल रास्ते बिलावर पहुंचना हो तो एक घंटे से अधिक का समय विद्यार्थियों को लग जाता है। लोगों ने कहा कि मौजूदा समय में हाईस्कूल गढ़ में ढाई सौ से अधिक विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। कई बार इस संबंध में सरकार को अवगत करवाया है और स्कूल का दर्जा बढ़ाने की मांग की है लेकिन 34 वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक स्कूल का दर्जा नहीं बढ़ाया गया है। लोगों ने कहा के गढ़ गांव के साथ-साथ बाथर, रामपुर और लहाड़ी गांव के विद्यार्थियों को 11वीं और 12वीं की कक्षा की पढ़ाई करने के लिए कई किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ता है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द हाई स्कूल का दर्जा बढ़ाकर हायर सेकेंडरी स्कूल किया जाए। जिससे विद्यार्थियों को पढ़ाई करने के लिए कई किलोमीटर दूर ना जाना पड़े लोगों ने इस संबंध में सरकार से जल्द से जल्द संज्ञान लेने की मांग की है।
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गढ मालती पंचायत के सरपंच ललित शर्मा ने कहा कि कई बार इस संदर्भ में सरकार को अवगत करवा चुके हैं लेकिन सरकार ने आज तक हाई स्कूल का दर्जा नहीं बढ़ाया है।
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पंच शमशेर सिंह ने कहा कि कई विद्यार्थी आर्थिक तंगी के चलते दसवीं कक्षा के बाद पढ़ाई करना छोड़ देते हैं उन्होंने कहा कि इलाके के कई विद्यार्थी गरीब परिवारों से संबंध रखते हैं जो वाहनों का किराया नहीं चुका पाते हैं जिसके चलते कई विद्यार्थी आगे की पढ़ाई छोड़ देते हैं।
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गढ़ गांव के निवासी पंडित अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि कई बार इस संबंध में इलाके के जनप्रतिनिधियों के आगे गुहार लगा चुके हैं और कई अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर इस संबंध में स्थानीय लोगों ने लगाए हैं लेकिन आज तक सरकार की ओर से स्कूल का दर्जा बढ़ाने के लिए कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई गई।
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गढ़ निवासी अतुल शर्मा ने बताया के गर्ल हाई स्कूल में पढ़ाई करने वाले कई विद्यार्थियों को 11वीं और 12वीं की कक्षा की पढ़ाई करने के लिए पैदल रास्ता तय करना पड़ता है जिसके बाद विद्यार्थी वाहनों से कई किलोमीटर दूरी पर स्थित हायर सेकेंडरी स्कूलों में पढ़ाई करने जाते हैं। इससे विद्यार्थियों का समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए सरकार जल्द से जल्द गण हाई स्कूल का दर्जा बढ़ाकर उसे हायर सेकेंडरी स्कूल करे।