शहर के मुखर्जी चौक में शराब की दुकान बंद करने के लिए आयोजित बैठक के दौरान उपस्थित विभिन्न संगठनों
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कठुआ। शहर के मुखर्जी चौक में गुरुद्वारा और मंदिर से सटे इलाके में शराब की दुकान खोले जाने का विरोध दिनों दिन तेज होता जा रहा है। रविवार को शहर के आर्य समाज मंदिर में इसी विषय को लेकर बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने शामिल होकर संयुक्त प्रस्ताव पारित करते हुए प्रशासन से शराब की दुकानों को बंद करने के लिए उपयुक्त कार्रवाई किए जाने की मांग की।
इस मौके पर आर्य समाज मंदिर कमेटी के प्रधान बिशन भारती ने कहा कि शहर के सबसे व्यस्त रहने वाले इस इलाके में एक तरफ गुरुद्वारा सिंह सभा और दूसरी तरफ आर्य समाज मंदिर और डीएवी स्कूल जैसे संस्थान है। ऐसे धार्मिक स्थलों से सटे इलाके में शराब की दुकान का खुलना पूरी तरह से असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि शहर के मुख्य बाजार से सटी उक्त दुकान काफी पुरानी है, लेकिन उस समय शहर की आबादी काफी कम थी। इस वजह से लोगों ने इसका कोई विरोध नही किया, लेकिन अब इसे फिर से खोलने का कोई औचित्य नही है। वहीं जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान महेंद्र सिंह ने कहा कि इस रास्ते में ही राष्ट्रपिता को समर्पित महात्मा गांधी अस्पताल के साथ मंदिर, गुरुद्वारा और स्कूल है, जिनकी दूरी भी शराब की दुकान से सौ मीटर से कम है। ऐसे में इस दुकान को कैसे अनुमति दी गई है? मंदिर, गुरुद्वारा और स्कूल लोगों को बुराईयों से दूर रहने और नशे से बचाने वाले हैं। ऐसे में मंदिर और गुरुद्वारा के पास शराब की दुकान का खोला जाना किसी भी तरह से बर्दाश्त नही किया जा सकता है। इस मौके पर मौजूद वार्ड 7 के पार्षद अनिरुद्ध शर्मा ने कहा कि पिछले कई महीनों से बंद पड़ी उक्त दुकान के खुलने के बारे में उन्होंने नगर परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से बात की तो उनका कहना था कि उन्होंने शराब की दुकान खोलने के बारे में कोई अनुमति नही दी है। ऐसे में वह कौन लोग है जो कि मंदिर के साथ शराब की दुकान खुलवा रहे है? इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रशासन एक दो दिनों में शराब की दुकान को बंद करवाए, वरना लोग इसके खिलाफ खुद कोई कार्रवाई को अंजाम दे सकते हैं। ऐसे में बिगड़ने वाली कानून व्यवस्था का जिम्मेदार प्रशासन ही होगा।