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हजारों कुंतल धान पानी में भीगा

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कीड़िया गंडयाल में खुले आसमान के तले लगी धान की ढेरी, संवाद। - फोटो : KATHUA
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हकठुआ। जिले में बेमौसम बारिश होने से धान खरीद केंद्रों पर हजारों कुंतल धान पानी में भीग गया है। बारिश से खरीद केंद्रों में धान भीगने के लिए किसानों ने खरीद केंद्रों में पर्याप्त इंतजामों के अभाव को जिम्मेदार ठहराया है। जिले में अब तक किसानों की सुविधा के लिए आठ खरीद केंद्र बनाए जाते रहे हैं, जिन्हें इस वर्ष बढ़ाकर दस कर दिया गया है। लेकिन इंतजामों की व्यवस्था हर जगह एक सी ही दिखाई दे रही है।
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जराई गांव में खोले गए खरीद केंद्र पर अपने भीगे हुए धान के ढेर को दिखाते हुए किसान दिवाकर सिंह ने बताया कि चार दिन पहले वह अपनी पांच कनाल की फसल लेकर खरीद केंद्र में पहुंचे थे। तब से आज तक उन्हें धान की सफाई के लिए पंखा उपलब्ध नही कारवाया जा सका है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े खरीद केंद्र में धान की सफाई के लिए एकमात्र पंखा है। वहीं जिन किसानों का धान साफ भी हो गया है। उनके लिए भी न तो पर्याप्त मजदूरों की व्यवस्था है और न साफ हुए धान को सुरक्षित करने के लिए कोई प्रावधान। ऐसे में जिन किसानों का धान खरीद के लिए पूरी तरह उपयुक्त स्थिति में था उनका भी धान गत दिवस से शुरू हुई बारिश के कारण गीला हो गया है। क्योंकि धान खरीद केंद्र को जिस स्थान पर बनाया गया है, वह एक खेत है, जहां बारिश से पानी भर गया है। कई किसानों का पिछले कई दिनों से खेत की नमी में पड़ा धान तो अब अंकुरित होने लगा है।
कुछ ऐसा ही हाल कीड़िया गंडयाल में खुले खरीद केंद्र में भी देखने को मिला जहां खुले आसमान के तले पड़ा हजारों कुंतल धान पानी से तर हो गया। स्थानीय दर्शन लाल का कहना था कि खरीद केंद्र में पैकिंग के लिए बोरियां उपलब्ध न होने के कारण उनका धान अब भीग कर खराब हो रहा है। जिसके कारण करीब छह माह की उनकी मेहनत अब भगवान के भरोसे पड़ी हुई है। क्योंकि अभी भी बारिश का माहौल बना हुआ है और फटे पुराने तिरपाल उसे कब तक बचा पाएंगे।
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जिले भर में हुई बारिश से खरीद केंद्रों में धान भी भीगा है। लेकिन ढका होने के कारण फिलहाल उसे नुकसान नही हुआ है। धान खरीद केंद्रों में कई-कई दिनों से धान के पड़े रहने के लिए किसानों में अपनी फसल को बेचने के लिए जल्दबाजी जिम्मेदार है। जहां कई किसान पंजीकरण न होने के बाद भी अपना धान लेकर आ जाते हैं और वहां आकर पंजीकरण करवाने की प्रक्रिया शुरू करते है। वहीं किसानों के धान की खरीद में उसका साफ होना किसान की जिम्मेदारी है अगर किसान खुद धान साफ कर खरीद केंद्र पर लाए तो उन्हें परेशानी नही उठानी पड़ेगी। फिलहाल बारिश से बने हालात पर विभाग पूरी नजर रख रहा है ताकि किसानों को किसी प्रकार का नुकसान न हो।
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विजय कुमार उपाध्याय, जिला मुख्य कृषि अधिकारी कठुआ
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