नेगर कीर्तन के दौरान करतब दिखाती गतका टीम। - संवाद।
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हीरानगर। सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाशोत्सव पर सिख समुदाय के लोगों की ओर से नगर कीर्तन यात्रा निकाली गई। पंज प्यारों की अगुवाई में निकाले गए इस नगर कीर्तन में बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। सीमावर्ती गांव कुंदे चक में स्थित गुरुद्वारे से ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के जयकारों के साथ नगर कीर्तन यात्रा शुरू हुई। हरिया चक, राजबाग, छन्न अरोड़ियाँ, सहसवां मोड़, चड़वाल, छपाकि, वीरू चक, सांजी मोड़ और बिनियाडी से होते हुए वापस कुंदे चक में समाप्त हुई।
इसमें शामिल पुष्प मालाओं से सजी गुरु ग्रंथ साहब की सवारी को विभिन्न धर्मों के लोगों ने शीश झुकाकर दर्शन किए। यात्रा के लिए विभिन्न जगहों पर समाजसेवी लोगों की ओर से जलपान की व्यवस्था भी की गई थी।
कठुआ के सावन चौक की गतका पार्टी ने हाईवे पर राजबाग और चड़वाल चौक में आकर्षक प्रदर्शन किया।
इस मौके पर सरदार कुलदीप सिंह, मोहन सिंह, कश्मीर सिंह, यशपाल सिंह आदि ने व्यवस्था संभाली।
इस दौरान कुलदीप सिंह ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह महापुरुष थे। उन्होंने धर्मों का सम्मान किया। लोगों को एक साथ मिलकर रहने और आगे बढ़ने की राह दिखाई। उनका जीवन मानवता के लिए समर्पित था। यात्रा में शामिल लोगों की सुरक्षा के लिए जगह-जगह पुलिस के जवान तैनात रहे।