शिविर में नायब तहसीलदार की प्रतीक्षा करते वेस्ट पाकिस्तान रिफ्यूजी। संवाद
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कठुआ। केंद्र सरकार की ओर से वेस्ट पाकिस्तान शरणार्थियों के लिए घोषित राहत राशि के वितरण में आ रही बाधा खत्म होने का नाम नही ले रही है। तीन साल से राहत राशि का इंतजार कर रहे शरणार्थियाें में निराशा बढ़ती जा रही है। दस्तावेजी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए शनिवार को कठुआ के ड्रीमलैंड पार्क में राजस्व विभाग के नायब तहसीलदार द्वारा दिए गए समय के अनुसार विशेष शिविर लगाया गया था।
इसमें बड़ी संख्या शरणार्थी परिवार अपनी दस्तावेजी प्रक्रिया को पूरा करवाने के लिए पहुंचे थे, लेकिन घंटों इंतजार के बाद जब राजस्व विभाग से कोई नही आया तो शिविर में आए लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। इस मौके पर मौजूद वेस्ट पाकिस्तान रिफ्यूजी एक्शन कमेटी के प्रधान लब्बा राम गांधी ने कहा कि ज्यादातर रिफ्यूजी दिहाड़ीदार हैं, जो अपने कामकाज को छोड़कर दस्तावेजों को पूरा करवाने के लिए शिविर में पहुंचे। भीषण गर्मी के इस मौसम में घंटों इंतजार के बाद भी शिविर में न तो नायब तहसीलदार खुद आए और न ही कोई पटवारी ही उनके काम को आगे बढ़ाने आया। जब उन्होंने खुद फोन कर नायब तहसीलदार से शिविर में नही आने के बारे में पूछा तो उन्होंने सरकारी काम से कही अन्य स्थान पर होने की बात बताई। ऐसी स्थिति के कारण ही रिफ्यूजियों को सरकार द्वारा घोषित राशि का वितरण नही हो पा रहा है। गांधी ने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारियों के इस तरह के रवैए के बारे में उच्चाधिकारियों से शिकायत की जाएगी।