fदवाली से पूर्व बकाया वेतन जारी न होने पर शनिवार को शिक्षकों का गुस्सा सरकार के खिलाफ भड़क गया। शिक्षकों ने जम्मू-कश्मीर टीचर्स फोरम (जेकेटीएफ) के बैनर तले शहीद भगत सिह पार्क में एकत्रित होकर सरकार के विरुद्ध जोरदार प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार शिक्षकों को भूखे पेट सोने के लिए मजबूर कर रही है लेकिन सरकार को समझना चाहिए कि शिक्षा विभाग दूसरा सबसे बड़ा विभाग है ऐसे में सरकार को उसकी नीतियों का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे फोरम के महासचिव ने कहा कि तीन महीनोें से रमसा के शिक्षकों को वेतन नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि एसएसए शिक्षकाें का भी 10 महीनों से वेतन बकाया पड़ा है।
उन्होंने कहा कि सरकार की बेरुखी के कारण शिक्षकों के हालात बद से बदतर हो गए है। फोरम के सदस्य प्रवीण सिंह ने कहा कि शिक्षकों को वेतन जारी न कर सरकार अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी चला रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार की नीति साफ है कि सरकारी शिक्षा संस्थानों से जुड़े सभी कर्मियों व विद्यार्थियों का ज्यादा से ज्यादा शोषण किया जाए ताकि वे शिक्षा के निजीकरण कि ओर कदम बढ़ाएं और शिक्षा भी कारपोरेट घरानों की कठपुतली बन कर रह जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार कीइस कोशिश को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द से जल्द शिक्षकों का वेतन व बाकी लंबित मांगों को भी पूरा किया जाए नहीं तो आंदोलन और कड़ा किया जाएगा। इस मौके पर मोहम्मद सादिक, भूषण शर्मा, तारा मणी, अशवनी शर्मा, योगराज सिंह पठानिया आदि मौजूद रहे।