लिपिक संघ के सदस्य अपनी मांगों पर नारेबाजी करते हुए
राज्य के वित्त मंत्री के साथ हुई बैठक में मिले आश्वासन पर लिपिक संघ की बैठक हुई। इसमें संघ के सदस्यों ने सरकार को नौ जनवरी तक का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर सरकार ने वादे के अनुसार अगर वेतन विसंगतियों को दूर नहीं किया, तो वह आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। बाढ़ नियंत्रण विभाग के परिसर मेें हुई बैठक में सांबा और कठुआ जिले के सदस्य पहुंचे थे। इस दौरान जिला प्रधान मनोहर सिंह ने कहा कि कश्मीर में पचीस दिसंबर को हुई बैठक में वित्त मंत्री से कहा था कि वह नौ जनवरी तक वेतन विसंगतियों को दूर करेंगे।
आश्वासन पर उम्मीद है। लेकिन, अगर सरकार ने वादे को पूरा नहीं किया, तो उग्र रुख अपनाने को मजबूर होेंगे। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों के लिए उन्होंने पहले भी सौ दिन से अधिक की हड़ताल की थी, तब भी सरकार ने आश्वासन दिया था। लेकिन, सरकार ने अभी तक अपने वादे पूरे नहीं किए हैं। इस मौके पर अन्य सदस्यों ने कहा कि सरकार की भाषा और कार्य करने के तरीके में अंतर आ गया है। ऐेसे में नौ जनवरी तक ही सरकार के वादे को देखेंगे। सरकार ने वादा पूरा नहीं किया, तो साल के शुरूआत में ही आंदोलन का सामना करना पड़ेगा।