शहीद को मुखारग्नि देता उनका बेटा। संवाद
- फोटो : KATHUA
कठुआ। दक्षिण कश्मीर में पुलवामा जिले के काकापोरा रेलवे स्टेशन के पास सोमवार (18 अप्रैल) को हुए आतंकी हमले में कठुआ के सब इंस्पेक्टर देवराज शहीद हो गए थे। शनिवार को उनका पार्थिव शरीर शाम के समय उनके पैतृक गांव जगतपुर मटांडी पहुंचा। जहां वे पंचतत्व में विलीन हो गए। सोमवार को हुए आतंकी हमले के बाद बुरी तरह से घायल देवराज ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वे अपने पीछे तीन बेटे, एक बेटी, पत्नी और बूढ़े मां बाप छोड़ गए हैं।
शनिवार शाम पांच बजे के लगभग शहीद का पार्थिव शरीर उनके लखनपुर के निकटवर्ती गांव में पहुंचा तो पूरा गांव गमगीन हो गया। मातम के माहौल के बीच परिवार के सदस्यों का रो-रो कर बुरा हाल था। आरपीएफ की ओर से शहीद को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। वहीं शहीद की शहादत को नमन करने बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। अंतिम यात्रा में शहीद देवराज अमर रहे के नारे लगे तो भारत माता की जयघोष के बीच शहीद को अंतिम विदाई दी गई। बीते सोमवार को काकापोरा रेलवे स्टेशन के बाहर एक दुकान पर चाय पीने गए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के दो जवानों सब इंस्पेक्टर देवराज व हेड कांस्टेबल सुरिंद्र सिंह को निशाना बनाकर पहले से घात लगाए बैठे आतंकियों ने काफी करीब से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं थीं। जिसमें हेड कांस्टेबर सुरिंद्र सिंह ने दम तोड़ दिया। देवराज की हालत गंभीर बनी हुई थी। उन्हें उपचार के लिए श्रीनगर में भर्ती करवाया गया था। लेकिन इसके बाद उनकी शहादत की खबर ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया था। देवराज के परिजनों ने बताया कि उनकी शहादत पर परिवार को गर्व है लेकिन व्यक्तिगत तौर पर हुई क्षति को कभी पूरा नहीं किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि देवराज के तीन बेटे और एक बेटी हैं जो अभी छोटे हैं। परिवार में कमाने वाला और कोई भी नहीं है, ऐसे में सरकार से अपील की गई है कि वे परिवार को रोजगार दें।
..............
सात अप्रैल को ही ड्यूटी लौटे थे देवराज
शहीद सब इंस्पेक्टर देवराज तीन अप्रैल को अपने घर छुट्टी काटने के लिए आए थे। उनके बेटे ने बताया कि सात को वे ड्यूटी लौट गए। परिवार को 18 अप्रैल की शाम को फोन पर जानकारी मिली कि आतंकी हमले में आरपीएफ के जवान शहीद हुए हैं, जबकि देवराज बुरी तरह से घायल हैं। बेटे ने कहा कि तभी वे श्रीनगर के लिए रवाना हो गए थे। बताया कि छह दिन तक जिंदगी और मौत से वे जंग लड़ते रहे।
शहीद सबइंस्पेक्टर देव राज की अंतिम यात्रा में शामिल ग्रामीण व बल के जवान। संवाद- फोटो : KATHUA