धार महानपुर में आयोजित रामलीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
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बसोहली। धार महानपुर में आयोजित रामलीला में सीता स्वयंवर का मंचन किया गया। राजा जनक के दरबार में आयोजित सीता स्वयंवर में अनेक देशों के राजा आए होते हैं। राम लक्ष्मण भी वहां पहुंचे हैं। स्वयंवर में प्रतिस्पर्धा के दौरान रावण समेत कोई भी शिव धनुष को हिला नहीं सका। अंत में गुरू विश्वामित्र की आज्ञा पाकर भगवान राम धनुष तोड़ते हैं और माता सीता वरमाला राम को पहनाती हैं।
धनुष टूटते ही परशुराम जनकपुरी सभा में पहुंचते हैं। इस दौरान परशुराम का राम और लक्ष्मण के साथ तीखा संवाद होता है। रामलीला के दौरान अहिल्या बाई का उद्धार का भी मंचन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में रामलीला प्रेमी जुटे रहे।