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लखीमपुर मामले को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

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लखीमपुर में हुई घटना के विरोध स्वरूप शहर के कॉलेज रोड पर रोष रैली निकालते कांग्रेसी, संवाद। - फोटो : KATHUA
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कठुआ। लखीमपुर में किसानों की मौत मामले की आंच बुधवार को कठुआ पहुंची। इस दौरान घटना से आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर के कॉलेज रोड पर रोष रैली निकालकर प्रदर्शन किया।
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प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय मंत्री के बेटे की गाड़ी से किसानों को कुचले जाने का आरोप लगाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। और, इस मामले में रोष जता रही प्रियंका गांधी को गिरफ्तार किए जाने की निंदा करते हुए उन्हें तुरंत रिहा करने की भी बात रखी। इस दौरान डीसी कार्यालय के सामने प्रदर्शन करने के उपरांत कार्यकर्ताओं ने एडीडीसी को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता पंकज डोगरा राष्ट्रीय ने महासचिव प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी को लोकतंत्र का हनन बताया। उन्होंने कहा कि देश भर में मोदी सरकार हिटलरशाही चला रही है। उनके मंत्री और चहेते लोग इतने बेलगाम हो चुके हैं कि वह किसी की हत्या जैसे कृत्य से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। लखीमपुर की घटना इसका उदाहरण है।
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वहीं, जम्मू कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव मनमोहन सिंह ने भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि देश में इस समय सरकारें अपनी मनमानी करने पर उतारू हैं। उन्हें लोगों की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं। जिसके कारण ऐसी घटनाओं का होना स्वाभाविक है। देश की 60 प्रतिशत बहुसंख्यक आबादी के प्रति अगर सरकार का ऐसा रवैया है, तो अन्य लोगों के बारे में उसकी क्या अवधारणा होगी? इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार अपने रवैए में बदलाव नहीं लाती है तो आने वाले दिनों में इसके परिणाम अच्छे नहीं होंगे। उधर, जिला कांग्रेस कमेटी के किसान मोर्चा के प्रधान तरसेम पाल सैनी ने सरकार को किसान विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में अन्नदाता की क्या स्थिति है? इसका अंदाजा दिल्ली की सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसानों की स्थिति देखकर लगाया जा सकता है। कुछ ऐसा ही हाल जम्मू कश्मीर के किसानों का भी बना हुआ है। पहले किसानों को रोशनी एक्ट के तहत खेती के जमीन का मालिकाना हक दिया गया। और, अब उसे वापस ले लिया गया है। किसानों की सुध लेने के लिए सरकार गंभीर नहीं है।
प्रदर्शनकारियों ने इस घटना को अंजाम देने वालों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के साथ केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा मांगा है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार किसानों के साथ हुए अत्याचार के इस मामले में अपनी निरंकुशता इसी तरह से जारी रखती है, तो आने वाले दिनों में उसे इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
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