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जीएमसी में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता बनाने की मांग पर प्रदर्शन

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कठुआ। जीएमसी में आए दिन चोरी की घटनाओं से तंग मरीजों और तीमारदारों ने बुधवार को रोष जताया। इस दौरान दर्जनों लोगों ने अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाने की मांग पर जमकर नारेबाजी की।
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प्रदर्शन में शामिल महिला चंद्रकांता ने बताया कि गत दिनों बुखार होने पर उसे जीएमसी में भर्ती होना पड़ा था। रात के समय जब सो रही थी, उस दौरान हैंडबैग चोरी हो गया। रात 2 बजे जब हैंडबैग के चोरी होने का पता चला, तो इसकी सूचना जीएमसी की पुलिस चौकी में दी। लेकिन वहां से कोई कार्रवाई के बजाय थाने में रिपोर्ट लिखाने के लिए कहा गया।
उन्होंने कहा कि जो बुखार से तप रहा हो, वह थाने में जाकर सामान चोरी होने की रिपोर्ट कैसे दर्ज करा सकता है। हालांकि अगले दिन सुबह चोरी हुआ हैंडबैग वार्ड के बाथरूम में एक चादर में लिपटा मिला। लेकिन बैग में रखे 8 हजार रुपये नहीं थे।
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एक अन्य मरीज कश्यप ने बताया कि गत दिनों उसकी बाइक अस्पताल के इमरजेंसी के सामने से चोरी हो गई। अस्पताल में तैनात पुलिसकर्मियों से जब इसकी शिकायत की गई तो वह उन्हें भी थाने में शिकायत करने के लिए भेज रहे थे। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी के सामने अस्पताल का सीसीटीवी भी लगा है।
जब उन्होंने सीसीटीवी फुटेज की जांच करने के लिए कहा, तो उन्हें यह कहकर वापस कर दिया कि सीसीटीवी काम नहीं कर रहे हैं। इसके दो-तीन दिन के बाद उनकी पत्नी का मोबाइल फोन भी गायब हो गया।
प्रदर्शन में शामिल मीतू ने बताया कि गत दिनों उन्होंने दो संदिग्धों को अस्पताल के वार्ड में रात 2 बजे के बाद घूमते समय रोका। पूछताछ करने पर वह वार्डों में घूमने के सही कारण नहीं बता सके। वही इस तरह के मामले में एक व्यक्ति को पकड़ कर जब पुलिस के हवाले किया गया था, तो पुलिस ने उसे यह कहकर जाने दिया कि वह एंबुलेंस का ड्राइवर है।
सुरक्षा के लिए पुलिस को लिख चुके हैं कई बार
अस्पताल की अधीक्षक डॉ. चित्रा वैष्णवी ने कहा कि अस्पताल सार्वजनिक स्थान है। यहां प्रतिदिन हजारों लोगों का आना जाना होता है। इसलिए लोगों को खुद अपने सामान की सुरक्षा के लिए सचेत रहना होगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल की अधीक्षक होने के नाते उनका काम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है। इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। जहां तक सुरक्षा की बात है, तो कई बार जिला पुलिस को इस बारे में लिखा जा चुका है।
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