कठुआ। जीएमसी कठुआ से सटी खड्ड में आने वाली बाढ़ से प्रभावित चक सज्जन के लोगों ने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली को जिम्मेदार ठहराया है। इसको लेकर वीरवार को ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। साथ ही बारिश के पानी की निकासी का ठोस प्रबंध करने की मांग की है।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेता चौधरी सुल्तान ने कहा कि क्षेत्र के विकास और लोगों को मिलने वाली सहूलियत को देखते हुए गांव के लोगों ने जीएमसी के नए भवन के निर्माण में हर तरह का सहयोग दिया। इसकी एवज में गांव के लोगों को कोई फायदा तो नहीं मिला है, अलबत्ता परेशानी जरूर बढ़ गई है। इसका जिम्मेदार सिर्फ लोक निर्माण विभाग है।
लोगों ने जीएमसी के निर्माण के लिए अपनी खेती योग्य जमीन सिर्फ इस उम्मीद के साथ दी थी कि उन्हें कोई लाभ होगा। लेकिन गांव के एक भी युवा को मजदूर के तौर पर भी काम नहीं मिला। वहीं इसके निर्माण में लोगों की सुविधा का भी खयाल नहीं रखा गया।
उन्होंने बताया कि जीएमसी के नए भवन की बिजली व्यवस्था को बनाए रखने लिए जिस भवन का निर्माण किया गया है, वह खड्ड के अंदर है। इस भवन की सुरक्षा के लिए खड्ड से आने वाले पानी को निकालने के लिए जो व्यवस्था की गई है, वह भी अनुकूल नहीं है।
इसके अलावा हाईवे से जीएमसी तक जाने वाले मार्ग पर खड्ड पर पक्के पुल का निर्माण करने के बजाए वहां पाइपें डालकर कच्चा रास्ता बनाया जाता है, जो बारिश के दौरान ऊपर से आने वाले पानी को उसकी गति के अनुसार निकालने में सक्षम नहीं होता है। ऐसे हालात में वहां काफी पानी रुक जाता है, जो कि उनके गांव में घुस जाता है। जिससे लोगों का नुकसान हो रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह से बाढ़ का पानी गांव में भरता रहा, तो आने वाले दिनों में यहां बने घरों को भी नुकसान हो सकता है। जब से जीएमसी बना है, तब से अब तक छह बार ऐसी स्थिति आ चुकी है। हर बार जीएमसी को जाने वाला कच्चा मार्ग बह जाता है। वीरवार को भी लोक निर्माण विभाग की मशीनें कच्चा रास्ता बनाने में ही लगी रहीं।