श्रद्धालुओं ने बुद्ध पूर्णिमा मनाई
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बुद्ध पूर्णिमा का त्योहार शनिवार को धार्मिक सौहार्द के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। कई जगह अनुष्ठान किए गए। मंदिरों में भंडारे लगाए गए और कई जगहों पर श्रद्धालुओं ने छबीलें लगाईं।
इस मौके पर लोगों ने मोक्ष व्रत रखकर परंपरा का पालन किया गया। उन्होंने सामाजिक समानता, शांति और भाईचारे का संदेश देने वाले भगवान बुद्ध को याद किया।
पर्व के महत्व के बारे में बताते हुए बाल योगेश्वर गौतम महाराज ने बताया कि बैसाख माह की पूर्णिमा की रात को भगवान बुद्ध को बोध ज्ञान प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा कि धर्म के प्रचार के लिए महात्मा बुद्ध ने यात्राएं कीं।
महात्मा बुद्ध के उपदेशों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि खुद को भूखा रखकर, शरीर को कष्ट देकर या फिर सांसारिक नहीं होकर परम को नहीं पाया जा सकता। चित को काबू करना ही परम को पाने का एकमात्र तरीका है। उन्होंने बताया कि बुद्ध पूर्णिमा पर मोक्ष व्रत का भी परम महत्व है। दान पुण्य कर धर्म का निर्वाह करना भक्तों का धर्म है।
आल इंडिया कंफेडरेशन ऑफ एससी/एसटी/ओबीसी सदस्यों ने भी बुद्ध पूर्णिमा के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया। शहर के वार्ड दस बुद्ध विहार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कंफेडरेशन के सदस्यों ने महात्मा बुद्ध को पुष्पांजलि अर्पित की।
भगवान बुद्ध के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए उन्होंने समाज को प्रेरणा दी। इस मौके पर लार्ड बुद्धा क्लब के सदस्य भी मौजूद रहे। कंफेडरेशन के राज्य अध्यक्ष आरके कलसोत्रा, लार्ड बुद्धा क्लब के राज्य अध्यक्ष रोशन चौधरी, कंफेडरेशन के जिला अध्यक्ष देव सोनी आदि मौजूद रहे।