महात्मा गांधी जच्चा-बच्चा अस्पताल में अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते पैरामेडिकल स्टाफ सदस्य?
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कठुआ। स्वास्थ्यकर्मियों की लंबित मांगों पर सरकार द्वारा कदम न उठाए जाने के विरोध में स्वास्थ्य विभाग के सभी श्रेणी के पैरामेडिकल स्टाफ ने एक बार फिर हड़ताल का रास्ता अख्तियार करते हुए आवाज बुलंद की है। सोमवार को जिला अस्पताल सहित जिला भर के सीएचसी, पीएचसी, एनटीपीएचसी, स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों और उपकेंद्रों आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने पूरा दिन हड़ताल पर बैठकर जोरदार नारेबाजी करते हुए सरकार से उनकी मांग जल्द पूरी करने की मांग दोहराई।
हड़ताल का नेतृत्व कर रहे जम्मू कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन के जिला प्रधान नीरज मलागर ने बताया कि आवश्यक सेवा के दायरे में आने वाली स्वास्थ्य सेवाओं को चलाने में अहम किरदार निभाने वाले पैरामेडिकल स्टाफ के प्रति सरकार का रवैया अनदेखी का ही रहा है। जिसके कारण उन्हें धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी हड़ताल का मुख्य उद्देश्य सभी श्रेणियों की डीपीसी करवाना, 2211 हेड का स्थायी समाधान और लंबित वेतन जारी करने, फार्मासिस्टों का पंजीकरण और ओपीएस की बहाली है। जिन पर सरकार द्वारा गौर किए जाने के कारण उन्होंने गत 24 मई को 3 घंटे की सांकेतिक हड़ताल कर सरकार को चेतावनी दे दिया था। इसके बाद भी सरकार अपने रवैए में बदलाव नही किया है। मजबूर होकर उन्हें आज भी हड़ताल पर आना पड़ा है। अगर अभी सरकार ने उनकी मांग नही सुनी तो फेडरेशन इसके खिलाफ और कड़ा रवैया अपनाने से पीछे नही रहेगी। जिला भर जारी पैरामेडिकल स्टाफ की हड़ताल के चलते जिला अस्पताल सहित उपजिला अस्पताल नगरी परोल, उपजिला अस्पताल हीरानगर, उपजिला अस्पताल बिलावर, उपजिला अस्पताल बनी और उपजिला अस्पताल बसोहली व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवा के लिए लोंगों को परेशान होना पड़ा है।