कठुआ। गत 30 नवंबर से जिले में धान खरीद केंद्रों के बंद होने से परेशान हो रहे किसानों के लिए राहत की खबर आई है। मंगलवार को भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग कृषि भवन, नई दिल्ली के अवर सचिव की ओर से जारी पत्र के माध्यम से प्रमुख सचिव, विभाग खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले जम्मू कश्मीर को इसकी जानकारी दी है। अपने आदेश में उन्होंने ने जम्मू कश्मीर में धान की खरीद को 31 दिसंबर तक जारी रखने के लिए अनुमति प्रदान की।
सरकार के इस नए फैसले से किसान वर्ग ने अपनी खुशी जाहिर की है। किसान महेंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में पिछले कई सालों से 31 दिसंबर तक धान खरीद किए जाने की परंपरा रही है। लेकिन इस वर्ष 30 नवंबर को ही खरीद एकाएक बंद कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि अचानक बंद हुई खरीद से किसान परेशान थे। जिसके कारण तब से लगातार इसके विरोध में प्रदर्शन हो रहे थे। अब एक बार फिर खरीद शुरू होने से किसानों को राहत मिलेगी।
वहीं इस बारे में जिला कांग्रेस कमेटी के प्रधान पंकज डोगरा का कहना है कि मौजूदा भाजपा सरकार हर बार जनविरोधी फैसले लेती है। जिसके कारण उसे हर बार मुंह की खानी भी पड़ रही है। ताजा फैसला भी कृषि कानूनों के बारे में प्रधानमंत्री द्वारा किसानों से माफी मांगे जाने की एक कड़ी है। उन्होंने कहा कि अगर हर साल 31 दिसंबर तक खरीद होती थी। इस बार ऐसी क्या जरूरत पड़ी की खरीद केंद्रों को 30 नवंबर को ही बंद कर दिया गया? उन्होंने कहा कि भाजपा शुरू से ही पूंजीपतियों की पार्टी रही है और उन्हें ही फायदा पहुंचाने का प्रयास करती है। सरकार द्वारा 30 नवंबर को खरीद बंद करने का फैसला निजी डीलरों को फायदा पहुंचाने का प्रयास था। जिसे यहां के किसानों की बुलंद आवाज के कारण बदलना पड़ा है। आपको बता दें कि किसानों की ओर से धान खरीद की अवधि को बढ़ाने के लिए गत 2 दिसंबर को जम्मू कश्मीर सरकार ने इस संबंध में भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय को पत्र लिखा था। जिस पर मत्रांलय ने कठुआ, सांबा और जम्मू में धान की खरीद को 31 दिसंबर तक जारी रखने के लिए लिखा है।