भाजपा नेता व नगर परिषद कठुआ के अध्यक्ष नरेश शर्मा विवादों में आ गए हैं। कथित रूप से एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ अपशब्द कहे गए हैं। यह आवाज नरेश शर्मा की बताई जा रही है। इसका संज्ञान लेते हुए भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस बीच नरेश शर्मा ने नगर परिषद कठुआ के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।
नगर परिषद कठुआ में आए सियासी भूकंप के बीच नाराज पार्षदों का दल एक बार फिर राजनीतिक तौर पर सक्रिय हो गया है। दो बार अविश्वास प्रस्ताव लाने के साथ-साथ नरेश शर्मा का खुले तौर पर विरोध करने और कई बार पार्टी के सामने अपनी शिकायत रखने के बाद भी उन्हें जो हासिल नहीं हो रहा था वो काम वायरल हुए ऑडियो क्लिप ने कर दिया है। ऐसे में अब नरेश शर्मा के विरोधी पार्षद एक बार फिर सक्रिय होकर भीतरी स्तर पर अपनी-अपनी दावेदारी ठोकने में जुट गए हैं।
जानकारों की मानें तो 21 पार्षदों वाली कठुआ नगर परिषद में भाजपा के अब भी सबसे अधिक पार्षद हैं। नरेश शर्मा के अध्यक्ष पद से हटने के बाद पूर्व जिला अध्यक्ष प्रेम नाथ डोगरा, वरिष्ठ नेता रवींद्र पठानिया प्रबल दावेदारों में माने जा रहे हैं। सामने आकर नेता हालांकि कुछ भी कहने से टल रहे हैं लेकिन भीतर स्तर पर एक साल के इस कार्यकाल को भुनाने के लिए कई पार्षद अध्यक्ष पद के लिए अपनी छवि पार्टी नेतृत्व के सामने रखकर जोर लगाने में जुटे हैं।
भाजपा के शीर्ष नेतृत्व फिलहाल शहर की इस बड़ी गतिविधि के बाद पार्टी को संभालने और खामियों को तलाशने में जुटा हुआ है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि प्रदेश स्तर पर भाजपा के पदाधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। कठुआ में लगातार नाराज हुए भाजपा पार्षदों की बात को नजरअंदाज करते हुए नरेश शर्मा को समर्थन देने वाले नेताओं के बारे में भी पूछताछ जारी है। साफ है कि भाजपा की भी इस प्रकरण में भारी किरकिरी हुई है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व भी मामले में किसी भी तरह के समझौते में नहीं है।