वेतन जारी किए जाने की मांग को लेकर नगर परिषद कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन करते सफाई कर्मचारी?
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कठुआ। त्योहार के महीने में वेतन न मिलने से नाराज नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय में जमा हुए सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर धरना दिया और जोरदार नारेबाजी करते हुए वेतन जारी करने की मांग दोहराई। सफाई कर्मचारियों ने कहा कि जब तक वेतन नहीं मिलेगा, तब तक कार्य नहीं करेेंगे।
सफाई कर्मचारी यूनियन के बैनर तले धरना-प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों का नेतृत्व कर रहे प्रधान सोमराज ने कहा कि क्रिसमस के पर्व पर सफाई कर्मचारियों को वेतन जारी न किया जाना अधिकारियों लापरवाही है। शहर में सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले ज्यादातर कर्मचारी ईसाई समुदाय के हैं जो कि क्रिसमस की तैयारियों को लेकर काफी उत्साहित होते हैं, लेकिन वेतन न मिलने के कारण उनके उत्साह पर पानी फिर गया है। उन्होंने कहा कि अगर एक दो कर्मचारी का मसला होता तो आपसी सहयोग कर उनकी मदद कर सकते थे, लेकिन यहां उनकी पूरी बिरादरी को ही वेतन से वंचित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि गत 29 नवंबर से उनके वेतन का रिकॉर्ड रखने वाले अकाउंटेंट छुट्टी पर हैं। ऐसे में अधिकारियों को दायित्व था कि जिस कर्मचारी की छुट्टी मंजूर की जा रही है, उसका कार्यभार किसी अन्य कर्मचारी को दिया जाता है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसा नहीं करके विभाग के अधिकारियों ने अपनी लापरवाही को साबित कर दिया है। ऐसे में मजबूर होकर सफाई कर्मचारियों को हड़ताल का सहारा लेना पड़ा है। अब तब तक प्रदर्शन जारी रखा जाएगा, जब तक सफाई कर्मचारियों को उनका वेतन नहीं दे दिया जाता है।
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वेतन जारी किए जाने की मांग को लेकर गत दिवस शुरू की गई सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के 24 घंटे बीतने के बाद ही शहर में जगह-जगह कचरे का ढेर लगना शुरू हो गया है। प्रमुख स्थानों पर लगने वाले कचरे के ढेर ने शहर की सूरत बिगाड़नी शुरू कर दी है। शहर के मुखर्जी चौक, शहीदी चौक, जराई चौक, कॉलेज रोड जैसे व्यस्त रहने वाले स्थानों पर लगने वाले कचरे के ढेर जहां आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं। वहीं, कचरे के ढेरों पर मंडराने वाले मवेशी वहां से गुजरने वाले लोगों के लिए खतरा बनने लगे हैं। सबसे बुरी स्थिति शहर के वार्ड 5, 6 और 7 में देखने को मिली। संकरी गलियों में कचरे के चलते लावारिस मवेशियों के जमा होने से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्गों को परेशान होना पड़ा। सफाई कर्मचारियों के हड़ताल से शहर में कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए हैं।