नगर परिषद कार्यालय में पार्षदों के साथ बैठक करते प्रधान नरेश शर्मा। संवाद
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कठुआ। शहर के विकास और समस्याओं का निदान करने के लिए कठुआ नगर परिषद के सदस्यों की बैठक एक बार फिर पार्षदों और प्रधान के बीच नोकझोंक तक ही सीमित रह गई है। हालांकि इस संबंध में नगर परिषद के प्रधान सहित पार्षदों ने बैठक को सफल बताया है। हालांकि बैठक में उठाए गए किसी भी मुद्दे पर कोई फैसला नहीं हो पाया। नगर परिषद के प्रधान नरेश शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विपक्षी पार्षदों ने शहर में पार्किंग बनाने की मांग उठाई।
बैठक में पार्षदों ने शहर में जगह-जगह होने वाले अतिक्रमण पर परिषद के प्रधान का ध्यान आकृष्ट कराया। साथ ही कहा कि किसी एक चिह्नित क्षेत्र में कोई कार्यवाई करने के बजाय अगर अतिक्रमण के खिलाफ परिषद गंभीर हैं, तो उसे सभी जगह से अतिक्रमण को हटाना होगा। उन्होंने शहर में पार्किंग की समस्याओं का समाधान भी किए जाने की मांग उठाते हुए कहा कि सड़कों पर अवैध पार्किंग से लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं, कुछ पार्षदों ने प्रधान की ओर से विभिन्न वार्डों में की जा रही गतिविधियों पर आपत्ति जताई। वार्ड नंबर 12 की पार्षद रेनू बाला ने गत दिवस उनके वार्ड में अतिक्रमण हटाने के लिए की गई कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर नगर परिषद के प्रधान को किसी भी तरह की कोई शिकायत मिली हुई थी, तो उनके वार्ड में कोई भी कार्रवाई करने से पहले उन्हें सूचित किया जाना चाहिए था। दुर्भाग्य है कि, ऐसा नहीं किया गया, जो कि असंवैधानिक है। उन्होंने भविष्य में दोबारा इस तरह की कोई भी कार्रवाई करने से पहले उन्हें सूचित किए जाने की बात कही। वहीं, बैठक के उपरांत पार्षद रविंद्र सिंह पठानिया ने कहां की परिषद के सामान्य खाते में होने वाले विकास कार्यों में कई तरह की अनियमितताएं देखने को मिल रही हैं। जहां कुछ वार्डों में तो 30 लाख रुपये तक के काम किए गए हैं। वहीं कुछ वार्डों को पूरी तरह से अनदेखा किया गया है। उन्होंने कहा कि परिषद की ओर से कुछ ऐसे स्थानों पर भी लाखों रुपये खर्च कर निर्माण करवाए गए हैं, जहां पहले से ही पक्की गलियां थी। पक्की गलियों की शहर के बाहरी क्षेत्रों में ज्यादा जरूरत थी, लेकिन उन्हें अनदेखा कर शहर में बनी हुई गलियों को भी तोड़ कर दोबारा बनाया जा रहा है। इसकी जांच की जानी चाहिए। वहीं, नगर परिषद के प्रधान नरेश शर्मा का कहना है कि वह लगातार शहर के विकास के लिए प्रयास कर रहे हैं। उनके 3 साल के कार्यकाल के दौरान शहर में करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। काफी स्थानों पर निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं। जबकि कुछ स्थानों पर अभी भी निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह लोगों का भ्रम है कि किसी भी वार्ड या मोहल्ले की परिषद द्वारा अनदेखी की जा रही है। अभी उनका कार्यकाल 2 साल बचा हुआ है। इस दौरान जहां कहीं भी लोगों को कोई समस्या आएगी। उसका समाधान नगर परिषद करेगी। उन्होंने पार्षदों के साथ बैठक के माहौल पर कहा कि इस तरह की बैठकों में अक्सर हमारे साथियों के साथ कुछ मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाती, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में और विकास के चिंतन के बिना ही खत्म हो गई है।