प्रवचन का श्रवण करने के लिए उमड़ी संगत। संवाद
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कठुआ। विश्व शांति एवं जम्मू कश्मीर की खुशहाली की कामना को लेकर अखंड परम धाम नौनाथ में संत समागम एवं हरि कथा का आयोजन जारी है। 5 दिवसीय आयोजन के तीसरे दिन का शुभारंभ योगासन और ध्यान के विशेष सत्र के साथ किया गया। इसके बाद संतों ने प्रवचनों के माध्यम से उपस्थित भक्तों का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में महामंडलेश्वर युगपुरुष स्वामी परमानंद गिरि जी महाराज ने प्रवचन करते हुए कहा कि हमारे समाज में दो तरह के प्राणी होते हैं। एक भटके हुए और एक सजग। सजग आदमी भटके हुए से प्रेरणा लेकर ज्ञान हासिल कर सकता है, लेकिन भटका हुआ व्यक्ति सजग व्यक्ति के जीवन से प्रेरणा नहीं ले पाता। लिहाजा सजग लोगों को इन भटके हुए लोगों को सही मार्ग पर लाने की जरूरत है।
पूरे विश्व में इस समय भटके हुए लोगों का बोलबाला है जोकि इस मानव सभ्यता के दुश्मन बन रहे हैं। भारतीय सोच के अनुसार जब हम मुझमें राम, तुझमें राम, सब में राम का अनुसरण करेंगे तो इससे सामाजिक समानता आएगी। भारतीय चिंतन के इस विधा को उपनिषद कहता है कि जो अपनी आत्मा सब में देखता है और सब में अपनी आत्मा को देखता है, वह किसी से ईर्ष्या नहीं करता। महामंडलेश्वर ने कहा कि विश्व में जितने भी धर्म है वह सभी हमारे धर्म ग्रंथों से प्रेरित है लेकिन दुर्भाग्य है कि वह अपने आप को सर्वश्रेष्ठ बताने में लगे हुए हैं। जबकि हमारी भारतीय सोच विश्व का उद्धार कर सकती है, आप सभी को इस भारतीय चिंतन का प्रचार करना होगा। क्योंकि हमारा धर्म आतंकी नहीं बनाता हम प्रेम के प्रचारक हैं। हमारे यहां गांधी हुए आज हमारे देश को एक ऐसा नेता मिला है जो राम के पथ पर चलने वाला और उन्हीं के समान धैर्यवान है। हमें उनका सहयोग बनाए रखना होगा।