पिछले कई वर्षों से सीमा पर तनाव की मार झेल रहे ग्रामीणों को पांच-पांच मरले के प्लाट के लिए अभी और इंतजार करना होगा। शनिवार को कठुआ पहुंचे प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री और सांसद डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सीमावर्ती ग्रामीणों से किए गए वादे पर सरकार पूरी तरह से अडिग है और उन्हें पांच-पांच मरले के प्लाट जरूर दिए जाएंगे।
कब दिए जाएंगे, इस पर उन्होंने एक बार फिर धैर्य रखने की सलाह दी है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार सीमावर्ती इलाके के लोगों की समस्या पर गंभीर है और इस मामले पर पूरी तरह से नजर रखी जा रही है।
प्लाट योजना में देरी पर मंत्री ने कहा कि भूमि को लेकर कुछ औपचारिकताओं पर रिपोर्ट का इंतजार था, जो अब मिल गई है। ऐसे में जल्द ही केंद्र सरकार उचित कदम उठाएगी। गौरतलब है कि साल 2015 की शुरुआत में सीमा पर लगातार सीजफायर का उल्लंघन हुआ था।
लोगों को पलायन के लिए मजबूर भी होना पड़ा था। ऐसा पहली बार नहीं हुआ था, लेकिन उस समय राहत शिविरों में पहुंचे पीएमओ में राज्य मंत्री ने सीमावर्ती लोगों से तीन माह के भीतर पांच-पांच पांच मरले के प्लाट सुरक्षित जगहों पर दिए जाने का वादा किया था, जो अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।
मीडिया के सवालों के जबाव में पीएमओ मंत्री ने यह भी कहा कि लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए आईआरपी की पांच बटालियनों को सीमावर्ती इलाके में तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों की सहूलियत और समय की जरूरत के अनुसार बंकर भी उपलब्ध करवाए जाएंगे, जिसके लिए केंद्र सरकार काम कर रही है।
इससे पूर्व डॉ. सिंह ने अपने जनसंपर्क कार्यालय में शनिवार को लोगों की समस्याओं को सुना। मौके पर ही उन्होंने अधिकारियों को लोगों की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश जारी किए। इस मौके पर उनके साथ स्थानीय विधायक राजीव जसरोटिया भी मौजूद रहे।