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दिन में बंदर तो रात को डरा रहा तेंदुआ

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रामकोट कस्बे में उत्पात मचाने निकाला बंदरों का झुंड। संवाद - फोटो : KATHUA
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रामकोट। रामकोट मुख्य कार्यालय में लोगों का अब घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। दिन के समय उत्पाती बंदर हमला कर रहे हैं तो रात के समय तेंदुए का खौफ लोगों को सता रहा है।
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रामकोट के दुकानदार इंद्रजीत रैना ने बताया कि रामकोट मे भूूूखे बंदर लोगों पर हमला कर रहे हैं। वन विभाग इस समस्या से राहत दिलाने के लिए हेल्पलाइन सेवा तो शुरू की है, लेकिन इस पर शिकायत करने के बाद बंदरों को पकड़ने के लिए कोई कार्रवाई नहीं होती। इसकी मुख्य वजह यह है कि विभाग के पास न तो पर्याप्त पिंजरे हैं और न ही मंकी कैचर। अब स्थिति यह है कि लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों की शिकायतों पर अब विभाग की तरफ से जवाब तक नहीं आ रहा।
वहीं सरपंच प्रदीप सिंह ने बताया कि बंदरों के अलावा लोग तेंदुए की दहशत से भी परेशान है। उनका कहना है कि रामकोट पुल पर हर तीसरे दिन तेंदुए के बच्चे किसी न किसी को दिखाई देते हैं लेकिन विभाग तेंदुए को पकड़ने में कोई भी हरकत नहीं कर रहा है। आगे उन्होंने बताया कि एक वर्ष पहले तेंदुए ने यहां एक युवक को मौत के घाट उतार दिया था। साथ ही कई लोगों की बकरियों को भी तेंदुआ अपना निवाला बना चुका है। रामकोट में पिछले एक वर्ष से करीब 20 कुत्तों को तेंदुआ अपना शिकार बना चुका है। बंदरों के आतंक से बचने के लिए लोगों ने कई बार घरों में कुत्ते भी रखें। लेकिन रात में तेंदुआ कुत्तों को घर से ही उठाकर ले जाता है। वहीं, रामकोट के नायब सरपंच अश्वनी कुमार ने बताया कि बंदरों के आतंक से लोग परेशान हैं। चंद मिनटों के लिए भी घर के दरवाजे खुले नहीं छोड़ सकते। दुकान पर रखी हुई सब्जियां व अन्य चीजें बंदर चंद मिनटों में उठाकर चले जाते हैं।
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सरपंच के कहने पर कुछ महीने पहले बंदरों के लिए तीन पिंजरे नगरोटा गुजरू जिरका वन में लगाए गए हैं। वहीं, तेंदुए को पकड़ने के लिए चार पिंजरे अलग-अलग जगहों पर लगाए गए हैं। जल्द ही बंदरों और तेंदुए के आतंक पर काबू किया जाएगा।
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वन्यजीव विभाग के रेंज ऑफिसर विशंभर सिंह
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