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20 साल बाद शुरू हुई तारबंदी पार खेतों की निशानदेही

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हीरानगर। भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर तारबंदी के आगे आखिरकार दो दशकों बाद खेतों की निशानदेही का काम शुरू हो गया। बीते साल बीएसएफ और स्थानीय प्रशासन ने जहां 35 हेक्टेयर जमीन पर खेती कर किसानों को तारबंदी पार खेती के लिए प्रोत्साहित किया था, वहीं इस बार उम्मीद जताई जा रही है कि सौ हेक्टेयर से भी अधिक जमीन पर किसान लंबे अर्से बाद खेती करेंगे। निशानदेही की प्रक्रिया के बाद भारतीय सीमा के किसानों की अपने खेतों की पहचान हो जाएगी जिसके बाद एक बार फिर वे इन खेतों में हल चलाएंगे और अगले सीजन से फसलें यहां लहलहाना भी शुरू हो जाएंगी। वीरवार को एक टीम जिसमें राजस्व, कृषि विभाग के अधिकारियों के अलावा बीएसएफ के अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों ने छन्न टांडा और चक चंगा गांव के लोगों के खेतों की निशानदेही की।
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दरअसल तारबंदी के आगे खेती के लिए किसानों को प्रेरित करने के उद्देश्य से पिछले वर्ष सितंबर में प्रशासन ने इस जमीन को खेती लायक बनाने का काम शुरू कराया था। बीएसएफ के सहयोग से यह काम पूरा हुआ। मनयारी क्षेत्र में गेहूं बोई गई, पैदावार भी अच्छी हुई। उसके बाद प्रशासन ने लगातार सीमावर्ती लोगों से बैठकें कर तारबंदी के आगे खेती की अपील की।
पिछले महीने जिला उपायुक्त राहुल यादव ने बीएसएफ की चांदमा पोस्ट पर बीएसएफ के अधिकारियों की मौजूदगी में किसानों से बैठक की। उन्हें तारबंदी के आगे खेती के लिए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। जिसपर किसानों ने यहां खेती करने की इच्छा जाहिर करते हुए नाम दर्ज कराए और साथ ही शर्त रखी कि पहले खेतों की निशानदेही कराई जाए। यहां किसानों का कहना था कि बीएसएफ ने तारबंदी के आगे की जमीन को खेती लायक तो बना दिया है लेकिन सारी भूमि समतल किए जाने के कारण खेतों की हदबंदीयां टूट गई हैं। इसलिए यहां खेती शुरू करने से पहले निशानदेही का काम शुरू कराया जाए। उसके बाद जिला उपायुक्त ने मौके पर ही एसडीएम को निर्देश दिए कि एक टीम बनाकर यहां निशानदेही का काम शुरू कराया जाए।
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इस पर अमल करते हुए आज नायब तहसीलदार देवराज के नेतृत्व में टीमें ने दो गांवों की जमीनों की निशानदेही की। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही निशानदेही का काम पूरा होगा और किसान दो दशकों बाद यहां पहली गेहूं की फसल बोएंगे।
निशानदेही की प्रक्रिया शुरू होने पर सीमावर्ती किसान भी काफी खुश दिखे। उनका कहना था कि जैसे ही यह काम पूरा होता है तो हम अपना काम शुरू कर देंगे।
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तारबंदी के आगे खेती से पहले निशानदेही की मांग किसानों ने की थी। निशानदेही का काम शुरू हो गया है। वीरवार को हमने दो गांवों की जमीनों की निशानदेही की। इस दौरान कृषि विभाग और बीएसएफ के अधिकारियों के अलावा गांवों के नंबरदार और कुछ किसान भी मौके पर मौजूद रहे। आगे भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी और बहुत जल्द पूरी कर ली जाएगी। यह काम पूरा होते ही किसान अपने खेतों में जाकर खेती कर सकते हैं।
------- देवराज, नायब तहसीलदार।
इस सीजन में किसानों से बैठक कर 60 हेक्टेयर जमीन पर खेती को लेकर योजना तैयार की गई थी। लेकिन अब और भी किसान खेती के लिए सामने आ रहे हैं। उम्मीद है कि इस बार सौ हेक्टेयर से भी अधिक तारबंदी पार जमीन पर हरियाली होगी और खेतों में किसान अपनी फसल लगा पाएंगे।
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राहुल यादव
डीसी कठुआ
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