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दूसरी बार नगर परिषद की कुर्सी बचाने में कामयाब रहे नरेश शर्मा

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नगर परिषद कार्यालय में होने वाले फ्लोर टेस्ट के दौरान सुरक्षा प्रबंध को पुख्ता बनाए रखने के लिए त - फोटो : KATHUA
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कठुआ। नगर परिषद कठुआ में अध्यक्ष नरेश शर्मा और उपाध्यक्ष रेखा कुमारी एक बार फिर अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब हो गए हैं। उनके खिलाफ लाया गया अविश्वास सोमवार को हुई विशेष बैठक में विफल साबित हुआ। जिसके चलते अब एक साल तक उनकी कुर्सी बिल्कुल सुरक्षित है।
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दरअसल, अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले 12 पार्षदों में से दो पार्षद सोमवार को होने वाली विशेष बैठक में पहुंचे ही नहीं। जिसके चलते कोरम पूरा नहीं हुआ, और बैठक हो ही नहीं पाई। जानकारी के अनुसार, सभी बागी पार्षदों का बैठक में इंतजार पूरे सवा घंटे तक किया गया था। 12 में से जब दो पार्षद बैठक में नहीं पहुंचे तो बागियों का कार्रवाई को निरर्थक घोषित कर दिया गया। ऐसे में साफ है कि अविश्वास प्रस्ताव पूरा न होने पर नगर परिषद के अध्यक्ष की कुर्सी पर नरेश शर्मा और उपाध्यक्ष की कुर्सी पर रेखा कुमारी ही बने रहेंगे।
म्यूनिसिपल एक्ट के अनुसार अगले एक साल तक दोनों के खिलाफ फिर से अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिलीप अबरोल ने बताया कि बैठक के लिए सवा घंटे का समय पार्षदों को कोरम पूरा करने के लिए दिया गया था। आम बैठक में सात पार्षद, तो वहीं विशेष बैठक में कम से कम 11 पार्षदों की जरूरत थी। लेकिन, बैठक में 10 पार्षद ही पहुंचे थे।
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उन्होंने बताया कि मैजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हस्ताक्षर ले लिए गए हैं। ऐसे में विशेष बैठक सफल नहीं हो पाई। इसके बाद कोर्ट जो भी निर्देश देगा, वही फैसला दिया जाएगा। उधर, इसके फौरन बाद नगर परिषद कार्यालय में पहुंचकर पूर्व मंत्री राजीव जसरोटिया सहित भाजपा के कई कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और शहरवासियों ने उन्हें मुबारक दी।
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यह है पिछले तीन महीनों का घटनाक्रम
21 पार्षदों वाली नगर परिषद कठुआ के 12 पार्षद 12 जुलाई को अध्यक्ष नरेश शर्मा और उपाध्यक्ष रेखा कुमारी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए थे। गलत तरीके से अविश्वास लाए जाने पर जब मामला ट्रिब्यूनल में चला गया तो पार्षदों ने अविश्वास को वापिस लेकर एक बार फिर नया अविश्वास प्रस्ताव दाखिल किया। ट्रिब्यूनल और फिर हाई कोर्ट में चले मामले के बाद नगर परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने विशेष बैठक के लिए शनिवार को ही सभी पार्षदों को पत्र जारी कर दिए थे। लेकिन, सोमवार सुबह 11 बजे अविश्वास लाने वाले 12 पार्षदों में से 10 पार्षद ही नगर परिषद कार्यालय में पहुंचे।
लंबे इंतजार के बाद भी यही जानकारी दी जाती रही कि जल्द ही दोनों पार्षद बैठक में पहुंच जाएंगे। सवा घंटे के इंतजार के बाद भी दोनों पार्षद नहीं पहुंचे तो मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बैठक को कोरम पूरा न होने की बात करते हुए समाप्त कर दिया। बैठक के अंत में मुख्य कार्यकारी अधिकारी और तहसीलदार कठुआ की देखरेख में उपस्थित पार्षदों के हस्ताक्षर लिए गए। बैठक का समय पूरा होने के बाद एक पार्षद पहुंचे, लेकिन अधिकारी ने साफ कर दिया कि दिए गए समय के भीतर पार्षद नहीं पहुंच पाए हैं। ऐसे में बैठक समाप्त कर दी गई।
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ऐसी थी बैठक में बागी पार्षदों की उपस्थिति
मुख्य कार्यकारी अधिकारी की सोमवार को बुलाई विशेष बैठक में रवींद्र पठानिया, अनिरुद्ध शर्मा, कर्ण सिंह, जोगिंद्र कुमार, भूपेंद्र राज, रेखा रानी, वलजीत सिंह, पुष्पा देवी, अजय कुमार और मीरा कुमारी उपस्थित रहे। जबकि, चौधरी राजिंद्र सिंह बब्बी और वंदना अंदोत्रा बैठक में समय पर पहुंचे ही नहीं। इसके चलते अविश्वास प्रस्ताव विफल साबित हुआ।
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बीते साल भी लाया गया था अविश्वास प्रस्ताव
अध्यक्ष नरेश शर्मा और उपाध्यक्ष रेखा कुमारी के खिलाफ नगर परिषद के कुछ पार्षदों की ओर से बीते साल भी अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। लेकिन, वह भी पूरी तरह से विफल रहा था। नरेश शर्मा ने बहुमत साबित किया, और अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज रहे।
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शहर का विकास हमारी प्राथमिकता, अब डबल शिफ्ट में होगा काम- नरेश शर्मा
विशेष बैठक के खत्म होने के बाद नगर परिषद के अध्यक्ष नरेश शर्मा ने कहा कि जनता और परिषद के सभी पार्षदों को साथ लेकर चलेंगे। उनकी प्राथमिकता शहर का विकास है। पिछले तीन महीने से परिषद में कुछ उथल पुथल थी। लेकिन, शहर के विकास को रुकने नहीं दिया जाएगा। और, अब डबल शिफ्ट में काम कर कठुआ में बेहतर स्तर पर विकसित शहरों की श्रेणी में लाने के लिए काम किया जाएगा।

फ्लोर टेस्ट के दौरान नगर परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से समय बढ़ाने की मांग करते विपक्षी पार?- फोटो : KATHUA

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