कठुआ। पंजाब में किसान आंदोलन के चलते कटड़ा, उधमपुर और जम्मू तवी रेलवे स्टेशनों से चलने वाली ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। रेलवे ने यह फैसला शाम पांच बजे लिया। दोपहर बारह बजे से कठुआ रेलवे स्टेशन पर खड़ी श्रीमाता वैष्णो देवी-हापा एक्सप्रेस 12476 को भी शाम पांच बजे रद्द कर दिया गया। सूचना मिलते ही यात्रियों में रोष पैदा हो गया। पंजाब के नजदीकी शहरों को जाने वाले कई यात्री स्टेशन से ऑटो पकड़कर हाईवे के रास्ते अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए, लेकिन दिल्ली सहित देश के अन्य राज्यों को जाने वाले यात्री रेलवे से व्यवस्था करने की मांग करने लगे। उधर, स्टेशन मास्टर के कमरे में भी यात्रियों ने हंगामा किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रेलवे पुलिस भी तैनात रही।
यात्रियों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि दोपहर बारह बजे से वे कठुआ रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में बैठे हैं। यदि ट्रेन को रद्द ही किया जाना था। तो शाम को क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि रेलवे को किसान आंदोलन की पहले ही जानकारी थी। ऐसे में ट्रेनों को पहले ही रद्द क्यों नहीं कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यात्रियों को बीच रास्ते में ऐसी जगह लाकर छोड़ दिया गया है जहां न बिजली है न पानी की व्यवस्था।
स्टेशन मास्टर ने उच्च अधिकारियो से रेलवे यात्रियों की बातचीत भी करवाई। अधिकारियों ने कहा कि ट्रेन को वापस कटड़ा रूट किया जा रहा है और यात्री चाहें तो कटड़ा रेलवे स्टेशन लौट सकते हैं। इस पर यात्रियों ने कहा कि कटड़ा वापस पहुंचाया जाना कोई हल नहीं है। रात वे स्टेशन पर नहीं गुजार सकेंगे और ट्रेनें रद्द होने की सूचना मिलते ही होटल मालिक भी रेट बढ़ा देंगे। अव्यवस्था के लिए रेलवे जिम्मेदार है और व्यवस्था उन्हीं को करनी चाहिए।