बिलावर। उपमंडल में रविवार को दूसरे दिन भी बारिश का दौर लगातार जारी रहा। इससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। शनिवार शाम 3:30 बजे से शुरू हुई बारिश रात भर जारी रही और रविवार को सुबह की शुरुआत बारिश से हुई। इसके बाद बारिश होने का दौर लगातार जारी रहा। दिन भर रुकरुक कर बारिश होती रही। दूरदराज के पहाड़ी क्षेत्रों में ओलावृष्टि और बर्फबारी होने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 19 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री के करीब रहा। लोगों को ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। शाम 4:00 बजे के करीब भगवान सूर्य के दर्शन नसीब हुए जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
भारी बारिश और ओलावृष्टि से धान की फसल और सरसों की फसल के साथ-साथ अन्य कई प्रकार की फसलों को बड़ा नुकसान पहुंचा है। किशनपुर निवासी किसान रतन चंद ने बताया कि ज्यादातर इलाके धान की फसल पकने को तैयार थी। ओलावृष्टि और बारिश होने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। उन्होंने बताया कि 90% से अधिक फसल बर्बाद हो गई है। धार डूगनू पंचायत के सरपंच कुलदीप कुमार शर्मा ने बताया कि 90% धान की फसल बर्बाद हो गई है, किसान चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की ओर से की गई मेहनत पर बारिश और ओलावृष्टि ने पानी फेर दिया है। किसान गोपाल कृष्ण ने कहा कि यूं तो फसल उगाने के लिए किसानों को खेतों में कड़ी मेहनत करनी पड़ती है लेकिन धान की फसल तैयार करने में सबसे अधिक परिश्रम करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि बारिश से उनकी मेहनत का कोई फल उन्हें इस वर्ष नहीं मिल पाया। कई इलाकों में तो पराली भी भारी ओलावृष्टि के कारण खराब हो चुकी है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द उपमंडल में ओलावृष्टि और बारिश के कारण धान की फसल को हुए नुकसान का आकलन किया जाए और किसानों को मुआवजा दिया जाए। लगातार बारिश होने से उपमंडल के दूरदराज मल्हार और देरी गला सहित अन्य कई लिंक मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया। दूरदराज कि इन सड़कों पर मलबा गिर जाने से और फिसलन बढ़ जाने से लोगों को पैदल रास्ता अपनाकर निचले क्षेत्रों की तरफ जाना पड़ा। बता दें कि दूरदराज इलाकों के लिए सरकार ने सड़कों का निर्माण किया है लेकिन मौसम खराब हो जाने के बाद हर बार सड़कों पर यातायात अवरुद्ध हो जाता है, जिसे बहाल करने में कई कई दिन लग जाते हैं। दूरदराज के इलाके के लोगों ने सरकार से पहाड़ी लिंक मार्गों पर 12 महीने यातायात बहाल करने की मांग की है। उपमंडल के ज्यादातर इलाकों में शनिवार 3:00 से गुल हुई बिजली रविवार दोपहर 1:00 बजे 22 घंटे बाद बहाल हुई। जिसके चलते इलाके के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बिजली सप्लाई बहाल ना होने के कारण कई लोगों के मोबाइल स्विच ऑफ हो गए। जिसके चलते लोगों को एक दूसरे से संपर्क करने के लिए काफी दिक्कतें उठानी पड़ी। रविवार दोपहर 1:00 बजे बिजली बहाल हुई जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। बिजली विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि ज्यादातर इलाके में बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई है और जिन इलाकों में बिजली सप्लाई बहाल नहीं हुई है उन इलाकों में बिजली विभाग की टीमें सप्लाई बहाल करने के लिए लगी है, जल्द ही पूरे उपमंडल में बिजली सप्लाई बहाल कर दी जाएगी।
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