हीरानागर। बारिश और आंधी के कारण धान की फसल को काफी नुकसान हुआ है। पहले ही आर्थिक तौर से कमजोर किसानों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। कुछ किसानों ने बर्बाद हुई फसलों का तुरंत मुआवजा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया। वहीं कृषि विभाग की टीमों ने क्षेत्र में जाकर नुकसान का जायजा लिया और रिपोर्ट बनाने का काम शुरू कर दिया है।
मढीन में किसानों ने बारिश और हवा के कारण बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। किसान नेता शिवदेव सिंह ने कहा पहले ही किसान मुआवजा न मिलने के कारण बेहद परेशान हैं। शनिवार से हो रही बारिश ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। एक बार फिर किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। बासमती की फसल पूरी तरह से खेतों में बिछ चुकी है। कुछ घंटे और खेतों में पानी रहा तो फसल तो खराब होगी ही मवेशियों के लिए पराली भी नहीं बचेगी। उन्होंने कहा किसानों की आर्थिक हालात को देखते हुए प्रशासन तुरंत मुआवजे का इंतजाम करे। जानकारी के अनुसार उपमंडल के हर इलाके में धान की फसल का भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा खरीद केंद्रों में रखी गई फसल को भी बारिश का पानी लगने से नुकसान हुआ है।
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नुकसान की रिपोर्ट जल्द की जाएगी तैयार
जिला कृषि अधिकारी विजय उपाध्याय ने बताया कि उपमंडल में बारिश के कारण धान की फसल को काफी नुकसान हुआ है। 100 प्रतिशत नुकसान हुआ है यह अभी नहीं कहा जा सकता लेकिन विभाग की ओर से विभिन्न इलाकों में नुकसान के जायजे के लिए टीमें भेजी जा चुकी हैं। जो जल्द ही नुकसान की रिपोर्ट तैयार करेंगी। बासमती की फसल को काफी नुकसान हुआ है और मंडियों में भी पानी भरने की सूचना मिली है। कहां कितना नुकसान हुआ है इसकी जानकारी बहुत जल्द जुटा ली जाएगी।
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