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अवैध खनन पर विभाग का शिकंजा

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कठुआ। पंजाब और जम्मू-कश्मीर की सीमा पर रावी दरिया में अवैध खनन कर बड़े पैमाने पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। खनन विभाग ने देर रात चलाए विशेष अभियान के तहत एक एक्सकेवेटर को स्टोन क्रशर के ठीक सामने से ही अवैध खनन करते पकड़ा है। खनन माफिया की ओर से स्टोन क्रॅशर के नजदीक ही खनन को अंजाम दिया जा रहा था, जबकि दस्तावेज किसी और इलाके के बताए गए हैं। मशीन को जब्त करते हुए चालान काटा गया है। वहीं विभाग ने सात ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को भी जब्त किया है, जो बिना फार्म-ए के खनन सामग्री लेकर जा रहे थे। ट्रैक्टर ट्रॉली संचालकों पर कार्रवाई करने की जगह विभाग ने उन स्टोन क्रशर पर कार्रवाई सुनिश्चित की है, जिन्होंने बिना फार्म-ए जारी किए ही इन ट्रैैक्टर-ट्रॉली को माल जारी कर दिया था। उधर, प्राप्त जानकारी के अनुसार जिस स्टोन क्रशर के पास खनन विभाग ने कार्रवाई सुनिश्चित की है, वहीं कुछ समय पहले एक और मशीन को भी अवैध खनन करते पकड़ा गया था।
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जिला खनन अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले कई दिनों से शिकायत मिल रही थी कि देर रात रावी दरिया में अवैध खनन को अंजाम दिया जा रहा है। गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। पंजाब में खनन पर प्रतिबंध के बाद रावी दरिया में अवैध खनन करने वालों के पास अब कोई विकल्प नहीं बचा है ऐसे में उन्हें देर रात अवैध खनन करते रंगे हाथों पकड़ लिया गया। एक एक्सकेवेटर को क्रॅशर के नजदीक ही गहरा गड़ढा करते पकड़ा गया है। बताया कि मौके पर लगभग 11 से 12 सौ मिट्रिक टन अवैध खनन के सुबूत मिले हैं जिसके आधार पर चालान किया गया है। जुर्माना पांच लाख से अधिक का होगा।
बताया कि इसके अलावा पल्ली के नजदीक लगाए गए नाके में बिना फार्म ए के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया गया है। चूंकि ये लोग दिहाड़ी लगाते हैं ऐसे में स्रोत पर कार्रवाई करते हुए उन्हें उन स्टोन क्रशरों पर ले जाया गया जहां से वे बिना एक फार्म के माल भरकर लाए थे। उन्हें भी जुर्माना किया गया है। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि दोबारा बिना फार्म ए के वाहन भेजे जाने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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धड़ल्ले से छलनी किया जा रहा रावी का सीना
रावी दरिया में खनन पर प्रतिबंध के बावजूद खनन माफिया किसी और जगह में खनन दिखाकर रात के अंधेरे में रावी दरिया का सीना छलनी कर रहा है। कठुआ पुलिस की ओर से पूर्व में की जाती रही कार्रवाई भी अब ठंडे बस्ते में है जिससे खनन माफिया के हौसले और भी बुलंद है। पहले खनन माफिया जम्मू कश्मीर के प्रतिबंधित इलाकों में खनन कर कार्रवाई होता देख मशीनों को पंजाब में ले जाता था। लेकिन अब पंजाब में प्रतिबंध लगने के बाद रात के अंधेरे में अभियान को अंजाम दिया जा रहा है। हालात यह हो चुके हैं कि पिछले कुछ वर्षों में ही रावी का स्वरूप पूरी तरह से बिगाड़ दिया गया है।
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जिला में चल रहे अधिकतर स्टोन क्रशरों के पास नहीं है खनन का रिकॉर्ड
किस खनन ने कितनी बिजली प्रयोग की और कितना खनन किया इसका रिकार्ड जिला के स्टोन क्रशरों के पास उपलब्ध नहीं है। हैरत की बात है कि इसी एवज में पूर्व में जिला उपायुक्तों द्वारा कार्रवाई भी सुनिश्चित की जा चुकी है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक स्टोन क्रॅशर में खनन के बाद छंटनी और क्रशिंग के लिए इस्तेमाल की जाने वाली बिजली का रिकार्ड होना चाहिए। बाकायदा जनरेटर चलाने की अवधि भी रिकार्ड रहनी चाहिए ताकि इस दौरान तैयार हुए निर्माण सामग्री सरकारी रिकार्ड में रह सके लेकिन अधिकतर स्टोन क्रशर इस पैमाने पर खरे नहीं उतरते हैं। कई स्टोन क्रॅॅशरों ने तो इस कार्रवाई से बचने के लिए अवैध बिजली कनेक्शनों का सहारा लिया हुआ है। जिसपर बिजली विभाग द्वारा कार्रवाई न किया जाना भी सवालों के घेरे में है।
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